आज प्रदर्शनकारियों से मिलेंगे सेना प्रमुख, मोहम्मद यूनुस को ... - CG Sandesh

आज प्रदर्शनकारियों से मिलेंगे सेना प्रमुख, मोहम्मद यूनुस को मिल सकती है कमान

ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना अपना देश छोड़कर फिलहाल भारत में हैं और ऐसी खबरें हैं कि वह यहां से लंदन जा सकती हैं। वहीं बांग्लादेश में सेना के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन करने की तैयारी चल रही है और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का नेतृत्व कर सकते हैं।

हाई अलर्ट पर बीएसएफ
बांग्लादेश में जारी हिंसा के बाद बीएसएफ को हाई अलर्ट पर रखा गया है। ऐसी रिपोर्ट्स मिली हैं कि बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक सीमा पार कर भारत की सीमा में दाखिल होने की फिराक में हैं।



बेटे ने कहा- अब नाती-पोतों के साथ समय बिताएंगी शेख हसीना
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। वाजेद ने कहा कि शेख हसीना ने देश को अच्छी सरकार दी और अब वह अपने नाती-पोतों के साथ समय बिताएंगी और राजनीति में वापसी नहीं करेंगी।

बंगाल पुलिस ने लोगों से की भड़काऊ वीडियो साझा न करने की अपील
बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच बंगाल में भी अलर्ट है। बंगाल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वह किसी भी तरह की भड़काऊ वीडियो को साझा न करें। साथ ही भारत बांग्लादेश सीमा पर भी सुरक्षा मजबूत कर दी गई है।

खालिदा जिया को जेल से रिहा करने की तैयारी
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मुहम्मद शहाबुद्दीन ने एलान किया है कि संसद भंग करने के बाद जल्द ही अंतरिम सरकार का गठन कर लिया जाएगा। साथ ही पूर्व पीएम खालिदा जिया की रिहाई के भी आदेश दे दिए गए हैं। वहीं विश्व बैंक ने कहा है कि वह बांग्लादेश के हालात पर नजर रखे हुए हैं और बांग्लादेश में जारी हिंसा और पीएम शेख हसीना के देश छोड़ने का विश्व बैंक के कर्ज कार्यक्रम पर क्या असर होगा इसकी समीक्षा की जा रही है।




author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें