कैशलेस चिकित्सा के लिए मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन जल्द लागू की जा सकती है छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ आश्रित के लिए मेडिकल कैशलेस
हेमसागर यादव
वही आजूराम सिन्हा ने महोदय को यह बताया कि देश के दो राज्यों में इस प्रकार की सुविधा उनके कर्मचारियों को दी जाती हैं मगर वहां मेडिकल प्रतिपूर्ति की सुविधा दी जाती। जिससे वहां की सरकार को अतिरिक्त आर्थिक भार का बोझ उठाना पड़ता है. छत्तीसगढ़ कैशलेश चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ के द्वारा महोदय के समक्ष जो सुविधाएं और मांग पत्र रखी गई इससे पूरे भारत पटल पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की प्रशंसा होगी, साथी विजय कोचेन्द्र ने यह भी कहा कि हमें किसी दूसरे राज्य की मेडिकल कैशलेस सुविधा की कॉपी करने से बचना चाहिए हमें छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के लिए एक ऐसी सुविधा कर्मचारी पेंशनर एवं उनके परिवार को दी जानी चाहिए जो पूरे भारतवर्ष के लिए एक मिसाल साबित हो.
आपको बता दे कि पिछले तीन वर्षों में संगठन के द्वारा स्वास्थ्य मंत्री , से वित्त मंत्री , से स्वास्थ्य सचिव, से एवं वित्त सचिव से मिलकर इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए अपना प्रयास करती आ रही है और शासन के द्वारा उषा चंद्राकर के नेतृत्व में उठने वाली इस मांग पर शासन ने पहल करते हुए संगठन को चर्चा के लिए पत्र के माध्यम से बुलाया भी और बहुत ही जल्द इस मुद्दे पर सरकार के द्वारा कर्मचारियों को सौगात भी दी जा सकती है.
छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों का एक ऐसा संगठन जो सिर्फ एक ही मांग के लिए हमेशा आवाज उठाता चलाया आज मेडिकल कैशलेस की मांग छत्तीसगढ़ के समस्त संगठनों का प्रमुख मुद्दा बन चुका है.
आपको बता दे कि पिछले दो अगस्त को संगठन का एक प्रदेश स्त्री कर्मचारी संगोष्ठी एवं अभिनंदन समारोह जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में होना तय था मगर किसी अपरिहर कर्म से संगठन के द्वारा इस संगोष्ठी आयोजन को आगामी तिथि के लिए स्थगित कर दिया गया था संगठन के प्रयास से यह हटकाली लगाई जा रही हैं कि किसी भी दिन कर्मचारी पेंशनर और उनके परिवारों को मेडिकल कैशलेस की यह सौगात मिल सकती है.
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने में प्रदेश संगठन के पदाधिकारी बिसाहू राम कृषिकांत गिलहरे आजू राम सिन्हा विजय कोचंद्र एवं राकेश सिंह उपस्थित थे.
*कैशलेस चिकित्सा के लिए मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन जल्द लागू की जा सकती है छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ आश्रित के लिए मेडिकल कैशलेस*
आप सभी को बता दे की छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ पिछले 3 वर्षों से छत्तीसगढ़ के सभी कर्मचारी एवं पेंशनर्स तथा उन सभी के परिवार के लिए मेडिकल कैशलेस की मांग करता आ रहा है ,लगातार संघ प्रमुखों के द्वारा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री एवं वित्त मंत्री के नाम से मेडीकल कैशलेस लागू करने हेतु निवेदन एवं आवेदन ज्ञापन के माध्यम से दिया जा रहा है, इसी क्रम में पिछली रात संगठन के संरक्षक राकेश सिंह एवं प्रदेश पदाधिकारियो द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुखिया के निवास पर मुख्यमंत्री जी से मुलाकात की यह मुलाकात लगभग 20 मिनट चली इस मुलाकात में प्रदेश की टीम के द्वारा मुख्यमंत्री जी से निवेदन किया गया कि छत्तीसगढ़ के सभी कर्मचारी परिवार के लिए मेडिकल कैशलेस सुविधा अत्यंत जरूरी है राकेश सिंह जी ने बात करते हुए मुख्यमंत्री जी को यह भी बताया कि यदि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के समस्त कर्मचारी के लिए यह योजना लागू करती है तो छत्तीसगढ़ सरकार को किसी भी प्रकार का वित्तीय भार का सामना नहीं करना पड़ेगा अपितु छत्तीसगढ़ सरकार के ऊपर प्रदेश के समस्त कर्मचारी एवं उनके परिवार का विश्वास बढ़ेगा उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए यह भी बताया कि शासन के द्वारा मेडिकल प्रतिपूर्ति की जो सुविधा दी जाती है उस प्रतिपूर्ति को प्राप्त करने में कितनी मुश्किलों का सामना कर्मचारियों को करना पड़ता है साथ ही कर्मचारियों द्वारा खर्च किए गए राशि का कुछ हिस्सा ही उन्हें प्राप्त हो पाता है। उन्होंने मानवी संवेदनाओं की बात करते हुए छत्तीसगढ़ के मुखिया को यह भी बताया कि कर्मचारी एवं उसके परिवार के इलाज के लिए अक्सर यह देखा गया कि कर्मचारियों की जमा पूंजी ,जो वह अपने बच्चों की शादी के लिए, बच्चों की पढ़ाई के लिए या नया घर बनवाने के लिए राशि एकत्र करते हैं वह राशि उनके इलाज में खर्च हो जाती है.
वही आजूराम सिन्हा ने महोदय को यह बताया कि देश के दो राज्यों में इस प्रकार की सुविधा उनके कर्मचारियों को दी जाती हैं मगर वहां मेडिकल प्रतिपूर्ति की सुविधा दी जाती। जिससे वहां की सरकार को अतिरिक्त आर्थिक भार का बोझ उठाना पड़ता है. छत्तीसगढ़ कैशलेश चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ के द्वारा महोदय के समक्ष जो सुविधाएं और मांग पत्र रखी गई इससे पूरे भारत पटल पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की प्रशंसा होगी, साथी विजय कोचेन्द्र ने यह भी कहा कि हमें किसी दूसरे राज्य की मेडिकल कैशलेस सुविधा की कॉपी करने से बचना चाहिए हमें छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के लिए एक ऐसी सुविधा कर्मचारी पेंशनर एवं उनके परिवार को दी जानी चाहिए जो पूरे भारतवर्ष के लिए एक मिसाल साबित हो.
आपको बता दे कि पिछले तीन वर्षों में संगठन के द्वारा स्वास्थ्य मंत्री , से वित्त मंत्री , से स्वास्थ्य सचिव, से एवं वित्त सचिव से मिलकर इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए अपना प्रयास करती आ रही है और शासन के द्वारा उषा चंद्राकर के नेतृत्व में उठने वाली इस मांग पर शासन ने पहल करते हुए संगठन को चर्चा के लिए पत्र के माध्यम से बुलाया भी और बहुत ही जल्द इस मुद्दे पर सरकार के द्वारा कर्मचारियों को सौगात भी दी जा सकती है.
छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों का एक ऐसा संगठन जो सिर्फ एक ही मांग के लिए हमेशा आवाज उठाता चलाया आज मेडिकल कैशलेस की मांग छत्तीसगढ़ के समस्त संगठनों का प्रमुख मुद्दा बन चुका है.
आपको बता दे कि पिछले दो अगस्त को संगठन का एक प्रदेश स्त्री कर्मचारी संगोष्ठी एवं अभिनंदन समारोह जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में होना तय था मगर किसी अपरिहर कर्म से संगठन के द्वारा इस संगोष्ठी आयोजन को आगामी तिथि के लिए स्थगित कर दिया गया था संगठन के प्रयास से यह हटकाली लगाई जा रही हैं कि किसी भी दिन कर्मचारी पेंशनर और उनके परिवारों को मेडिकल कैशलेस की यह सौगात मिल सकती है.
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने में प्रदेश संगठन के पदाधिकारी बिसाहू राम कृषिकांत गिलहरे आजू राम सिन्हा विजय कोचंद्र एवं राकेश सिंह उपस्थित थे.
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