अक्षय ऊर्जा दिवसः ऊर्जा दक्षता में नवाचार के लिए सीआईआई ने वेदांता एल्युमिनियम को किया सम्मानित
लांजिगढ़ में स्थित वेदांता की एल्युमिना रिफाइनरी ने सीआईआई नेशनल एनर्जी एफिशिएंसी सर्कल कॉम्पिटिशन 2024 में ’ बेस्ट एनर्जी एफिशिएंट डेज़िगनेटेड कंज़्यूमर’ श्रेणी में पहला पुरस्कार जीता
रायपुर, अगस्त 2024: भारत के सबसे बड़े एल्युमिनियम उत्पादक वेदांता एल्युमिनियम को उसकी लांजिगढ़, ओडिशा स्थित एल्युमिना रिफाइनरी में लागू किए गए ऊर्जा दक्षता प्रयासों के लिए सीआईआई नेशनल एनर्जी एफिशिएंसी सर्कल कॉम्पिटिशन 2024 में कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। इस इकाई को ‘बेस्ट एनर्जी एफिशिएंट डेज़िगनेटेड कंज़्यूमर’ (BEE-PAT स्कीम के अंतर्गत) श्रेणी में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा ’बेस्ट एनर्जी एफिशिएंट ऑर्गेनाइजेशन (लार्ज सेक्टर)’ और ’ बेस्ट मैनेज्ड इलेक्ट्रिकल सिस्टम फॉर एनर्जी एफिशिएंसी’ श्रेणियों में भी इस इकाई को विशेष प्रशंसा प्राप्त हुई है। ये पुरस्कार वेदांता एल्युमिनियम के जिम्मेदार व्यवसाय संचालन को दर्शाते है।
वेदांता एल्युमिनियम की विश्व स्तरीय रिफाइनरी उच्च क्वालिटी एल्युमिना का उत्पादन करती है जिसे बाद में झारसुगुडा, ओडिशा और कोरबा, छत्तीसगढ़ के स्मेलटर्स में प्रोसेस कर के एल्युमिनियम तैयार किया जाता है। लांजिगढ़ प्लांट में इस वक्त 29 ऊर्जा दक्षता परियोजनाएं प्रगति पर हैं जो 2050 तक वेदांता के नेट ज़ीरो उत्सर्जन हासिल करने के लक्ष्य में योगदान कर रही हैं।
जिन परियोजनाओं ने वेदांता लांजिगढ़ के लिए शीर्ष सम्मान अर्जित किए हैं उनमें शामिल हैं- ऊर्जा बचत हेतु बिजली वितरण प्रणाली की वृद्धि ’डाइजेशन’ प्रोसेस (जहां बॉक्साइट को कास्टिक सोडा के साथ मिलाया जाता है) में सुधार और नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोत के रूप में बिजली निर्माण हेतु बायोमास का इस्तेमाल। इन परियोजनाओं ने संयंत्र की परिचालन क्षमता को काफी बढ़ाया है साथ ही ऊर्जा की खपत भी कम की है। वित्तीय वर्ष 2024 में वेदांता लांजिगढ़ के प्रयासों से कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में 69,000 टन से भी ज्यादा की कमी आई है।
इस सम्मान पर वेदांता एल्युमिनियम के सीईओ जॉन स्लेवन ने कहा, ’’वेदांता एल्युमिनियम में हम सस्टेनेबल बिज़नेस प्रैक्टिसेस के आधार पर परिचालन उत्कृष्टता के नए मानदंड स्थापित करने में प्रयासरत हैं। हमारे इन प्रयासों के लिए सीआईआई ने हमें जो सम्मान दिया है हम उसके लिए आभारी हैं। ये पुरस्कार नेट ज़ीरो के लक्ष्य को हासिल करने में हमारी अचल प्रतिबद्धता के प्रोत्साहक सिद्ध होंगे और हम अपने दायित्वपूर्ण परिचालन में और भी ऊंचे मानक स्थापित करते रहेंगे।’’
वेदांता लांजिगढ़ ने अपने परिचालन में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए कई अतिरिक्त परियोजनाएं लागू की हैं, जिनमें शामिल हैं:
वाटर कूलिंग पम्प में ऐंट फ्रिक्शनल कोटिंग, जिससे बिजली की खपत घट कर 469 MWh प्रति वर्ष हो गई है, ग्रीन हाउस गैसों में बचत 355 टन CO2 प्रति वर्ष हुई है।
बॉक्साइट को समान आकार में पीसने के लिए प्रयुक्त बॉल मिल्स में सुधार हुआ है। अपग्रेड के साथ उनकी क्षमता काफी बढ़ गई है, बिजली की खपत घट कर 2400 MWh प्रति वर्ष हुई है और ग्रीन हाउस गैसों में बचत 1702 टन CO2 प्रति वर्ष हुई है।
संयंत्र के विद्युत वितरण और रखरखाव प्रणाली का पूर्ण डिजिटलीकरण हुआ है, जिससे एनर्जी रीडिंग की निगरानी व रिपोर्टिंग उन्नत हुई है, गलतियां घटी हैं।
सीआईआई नेशनल एनर्जी एफिशिएंसी सर्कल कॉम्पिटिशन का उद्देश्य सभी उद्योगों में ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाए जाने और जलवायु परिवर्तन शमन की सर्वश्रेष्ठ विधियों को प्रकाश में लाना है । इस साल की थीम थी ’’पावरिंग द नेट ज़ीरो गोल्स’’, इस प्रतियोगिता में देश भर से 500 से ज्यादा संगठनों ने भाग लिया था। इस प्रतियोगिता में भारत सरकार की BEE-PAT स्कीम के अंतर्गत कदम उठाने के लिए उद्योगों की कोशिशों को भी सम्मानित किया गया। गौर तलब है कि यह स्कीम ऊर्जा-गहन उद्योगों में ऊर्जा खपत घटाने विनियामक साधन है, यह ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के अंतर्गत आता है जो एक सरकारी निकाय है और ऊर्जा खपत के प्रबंधन के लिए नीतियां एवं रणनीतियां विकसित करने में मदद करता है।
वेदांता लिमिटेड की इकाई वेदांता एल्युमिनियम भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक है। वित्तीय वर्ष 24 में 23.7 लाख टन उत्पादन के साथ कंपनी ने भारत के कुल एल्युमिनियम का आधे से ज्यादा हिस्सा उत्पादित किया। यह मूल्य संवर्धित एल्युमिनियम उत्पादों के मामले में अग्रणी है जिनका उपयोग कई अहम उद्योगों में किया जाता है। वेदांता एल्युमिनियम को एल्युमिनियम उद्योग में एस एंड पी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असैसमेंट 2023 में पहली वैश्विक रैंकिंग मिली है, यह उपलब्धि कंपनी की सस्टेनेबल विकास प्रक्रियाओं को प्रतिबिम्बित करती है। भारत में अपने विश्वस्तरीय एल्युमिनियम स्मेल्टर्स और एल्युमिना रिफाइनरी के साथ कंपनी हरित भविष्य के लिए विभिन्न कार्यों में एल्युमिनियम के प्रयोग को बढ़ावा देने और इसे ’भविष्य की धातु’ के रूप में पेश करने के अपने मिशन में लगातार आगे बढ़ रही है।