बसना : सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में हर्षौल्लास के साथ मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
बसना : सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में
हर्षौल्लास के साथ मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
सरस्वती शिशु मंदिर बसना में भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को बाल गोपाल जी का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षौल्लास के साथ मनाया गया । बसना नगर के हृदय स्थल मंडी प्रांगण वृंदावन धाम के समान कृष्णमय हो गया था। श्री कृष्ण भगवान की विभिन्न लीलाओं पर आधारित झांकियों से मंडी प्रांगण की शोभा देखते ही बन रही थी । रंगारंग श्री कृष्ण राधा रानी के वेशभूषा में नन्हे-नन्हे बच्चों की किलकारियों से वातावरण गूंज रहा था । हजारों दर्शकों की भीड़ से मंडी प्रांगण खचाखच भरा हुआ था अतिथि द्वारा झांकियां का निरीक्षण समिति के सह सचिव रमेश कर के मार्गदर्शन में हुआ। झांकियों को देखकर अतिथिगण मंत्र मुक्त होकर कहा कि - आज ऐसा लग रहा है कि हम द्वापर युग में है झांकियां तो जीवंत प्रतीत हो रही थी । बच्चों और आचार्यों के इस प्रयास को हम नमन करते हैं।
तत्पश्चात अतिथियों द्वारा बाल श्री कृष्ण, भारत माता, ओम,एवं सरस्वती माता के तैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर, छप्पन भोग लगाकर, वाद्य यंत्र के साथ आरती किया गया । अतिथियों के रूप में घनश्याम सोनी, सह कार्यवाह छत्तीसगढ़ प्रांत, रुक्मणी पटेल अध्यक्ष जनपद पंचायत बसना, ठाकुर राम विभाग प्रचारक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, दयामणी सिदार विभाग कार्यवाह, यज्ञ राम सिदार विभाग संघ चालक, एन. एल. भोई का तिलक श्रीफल एवं शाल से सम्मानित किया गया । समिति सदस्यों एवं गणमान्य बंधुओं का स्वागत किशोर भारती, कन्या भारती के अध्यक्ष बहन सीमा प्रधान एवं भैया विकास भोई ने किया । झांकी निर्णायक अतिथियों का स्वागत गोपीनाथ सिदार ने पुस्तक, लेखनी व तिलक लगाकर किया । व्यवस्थापक सौम्यरंजन कानूनगो ने विद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया ।
उक्त कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष रुक्मणी पटेल ने अपने वक्तव्य में कहा की हरि के गुण को किसी कलम से नहीं लिखा जा सकता । हमारी बेटियां उत्तरोत्तर प्रगति कर रही हैं “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” हर व्यक्ति का उद्देश्य होना चाहिए महिलाओं को हमेशा मां का दर्जा दिया जाना चाहिए । श्री घनश्याम सोनी सह कार्यवाह छ.ग. प्रान्त ने अपने वक्तव्य में कहा कि अपने भूतकाल का गौरव को हमेशा संजोकर रखना चाहिए वर्तमान के पीड़ा से सबक लेते हुए भविष्य के सपने सजाने का हमेशा इच्छा होना चाहिए । विद्यार्थी को हमेशा स्वामी विवेकानंद जी से प्रेरणा लेना चाहिए । कुटुंब प्रबोधन परिवार व्यवस्था भारत का एकमात्र लक्ष्य है जो भारत को महान बनाता है । छुआछूत की भावना किसी भी ग्रंथ में उल्लेख नहीं है । कोरोना काल से देखा गया है कि पर्यावरण हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण और अहम घटक बनकर आया है।
विभिन्न मनभावन झांकियां में राधाकृष्णरासलीला, श्री कृष्ण जन्म, श्री कृष्ण के विभिन्न अवतार, इंद्रप्रस्थ दर्शन, अभिमन्यु वध, नरसिंह अवतार, सीता स्वयंवर, द्रौपदी स्वयंवर, द्रोपदी चीर हरण, गीता उपदेश, कृष्ण वेशभूषा आदि दर्शकों को सहज ही आकर्षित कर रही थी कक्षा अरुण से द्वादश तक के भैया बहनों द्वारा प्रस्तुती भजन, प्रहसन, नृत्य और राउत नाचा को देखकर दर्शकों के नेत्र तृप्त नहीं हो रहे थे, मन में और देखने की अभिलाषा हो रही थी । झांकी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कक्षा द्वादश गीता उपदेश, द्वितीय स्थान एकादश द्रोपदी चीरहरन, पंचम श्री कृष्ण के विभिन्न अवतार तृतीय स्थान प्राप्त हुआ कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष रामचंद्र अग्रवाल, उपाध्यक्ष रघुवीर प्रसाद श्रीवास्तव, व्यवस्थापक सौम्यरंजन कानूनगो, सहसचिव रमेश कर, कोषाध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल, सदस्य तरुण दास, सतीश चंद्र बेहेरा, धनेश्वर साहू, राजकुमारी गुप्ता, पुष्पलता साव, ललिता रात्रे, सपना अग्रवाल उपस्थित रहे प्राचार्य धनुर्जय साहू ने सभी का आभार व्यक्त किया समस्त आचार्य बंधु भगिनियों, भैया-बहनों एवं भृत्यों का विशेष सहयोग रहा । अंत में सभी आगंतुकों को ब्रज प्रसाद वितरण किया गया । कार्यक्रम का संचालन अभिमन्यु दास एवं भानुमति साव ने किया।