बसना : सड़कों से उठाकर जंगलों में छोड़े जा रहे मवेशी ! गौ रक्षकों में नाराजगी, गौशाला खोलने की मांग
कोर्ट और कलेक्टर के एक आदेश के बाद सड़क पर दुर्घटनाओं में कमी लाने जिले भर की सड़कों से आवारा मवेशी हटाने का काम जारी है. जिसके बाद सड़कों में मवेशियों की संख्या में कमी देखने को मिली है, साथ ही दुर्घटना में भी कमी आई है. लेकिन इन मवेशियों को सड़कों से हटाकर जंगलों में छोड़ने से गौ रक्षकों में नाराजगी देखने को मिल रही है.
नगर पंचायत बसना क्षेत्र के गौ रक्षक प्रदीप ठाकुर और नीरज दास ने बताया कि नगर पंचायत बसना के कर्मचारियों द्वारा गोवंश को ओड़िशा बॉर्डर पर जंगलों मे छोड़ दिया जा रहा है. इन गौवंशों को रखने की समुचित व्यवस्था नहीं की जा रही है. ओड़िशा बॉर्डर पर गौवंशों को ऐसी स्थिति में छोड़ने से बॉर्डर गो तस्करी की संभावना बढ़ी है. उन्होंने बताया कि आये दिन इस मार्ग पर गो तस्कर सक्रीय रहते हैं, जो मौका पाते ही गाय को क़त्लखाना ले जाते हैं.
प्रदीप ठाकुर द्वारा नगर पंचायत बसना से सड़कों से उठाये जाने वाले गौवंशों के रख रखाव की जानकारी मांगी गई है. उनका कहना है कि बसना नगर में मवेशियों के रख रखाव के लिए किसी तरह की कोई सुविधा कांजी हाउस नहीं है. जिसके चलते इन गौवंशों को जंगल में छोड़ा जा रहा है, जिसका उन्होंने विरोध जताते हुए बसना विधानसभा क्षेत्र में गौवंश के रख रखाव हेतु गौशाला खोलने की मांग की है.
हालांकि विधानसभा क्षेत्र में कई गोठान पूर्व के सरकार में बनाए गये हैं, परंतु गोठान गुणवत्ताहीन बनाए जाने से व गोठान में किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं होने से गाय गोठान में रूक नहीं पा रहे हैं और बाहर निकल जा रहे हैं. वहीं पशुपालक अपने मवेशियों को बांधकर नहीं रख रखते हैं, बताया जाता है गाय से जब दुध मिलता है तभी पशुपालक गाय का ध्यान रखते हैं इसके बाद उसका उपयोग कर लावारिश हालत में सडको पर छोड़ देते हैं.