बिना मोबाइल भत्ता और रिचार्ज के आर एच ओ से ले रहे हैं डाटा एंट्री ऑपरेटर जैसा कार्य , छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता हो रही प्रभावित
प्रदेश के 5200 उप स्वास्थ्य केंद्रों में विपरीत परिस्थितियों में अपनी सेवाएं देकर प्रदेश को स्वास्थ्य विभाग की हर योजनाओं में अव्वल लाने वालो पर विभाग द्वारा दबावपूर्ण कराए जा रहे ऑनलाइन कार्यो के विरोध में आक्रामक रणनीति तैयार करने प्रदेश अध्यक्ष टार्जन गुप्ता जी की अध्यक्षता में वर्चुअल मीटिंग आयोजित की गई जिसमें स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के सभी प्रांतीय टीम ,सम्भाग अध्यक्ष ,जिला अध्यक्ष उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में आंदोलन के लिए अपनी सहमति प्रदान की |मीटिंग को सम्बोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष हरीश जायसवाल ने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजको से डाटा एंट्री का कार्य करवाना सेवा शर्तों में नही है हमारे ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक इसकी दक्षता नही रखते जिसके कारण दबावपूर्ण कार्य करवाना न्यायसंगत नही है |
इस सम्बंध में प्रदेश अध्यक्ष टार्जन गुप्ता ने सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि ऑनलाइन एंट्री नही करने विरोध की शुरुआत करनी पड़ेगी ,स्वास्थ्य संयोजको के एंट्री नही करने से युविन एंट्री आर सीएच एंट्री ,अनमोल एंट्री आईएचआईपी एंट्री नही होने से पूरी सेवाएं प्रभावित होगी ,डाटा एंट्री नही होने से प्रदेश का डेटा नीचे जाएगा और ऊपर तक सन्देश जाएगा कि आर एच ओ के एंट्री नही करने से परिस्थितिया निर्मित हुई है और अपनी समस्याओं को मिशन संचालक ,स्वास्थ्य सचिव तक मजबूती से रख सकते है ,सभी जिला अध्यक्ष 3 दिन के भीतर अपने अपने जिलों में वर्चुअल मीटिंग लेकर स्वास्थ्य संयोजक साथियों से अभिमत ले कर अपने जिले का विचार बताएंगे।
ज्ञात हो कि स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी को एक डाटा एंट्री ऑपरेटर जैसे कार्य फील्ड में दबाव पूर्ण लिया जा रहा है जबकि मूल कार्य क्लिनिकल कार्य करना है। आज आर एच ओ के मोबाइल में uwin , आईडीएसपी , आरसीएच , अनमोल , fplmis, आयुष्मान कार्ड बनाया जाना , सिकल सेल एंट्री जैसे कई ऑनलाइन एप उनके निजी मोबाइल में संचालित कर रहे है जिसका रिचार्ज या मोबाइल भत्ता तक नही दे रहे बल्कि ऑनलाइन एक दिन एंट्री नही होने पर नोटिस या पेमेंट काटने जैसी कार्यवाही करने का प्रेशर देकर मानसिक रूप से परेशान कर रहे है जबकि ऑनलाइन कार्य के लिए जिनकी पदस्थापन की गई है उनको आर एच ओ के उपर ट्रेनर या समीक्ष्यक के रूप में कार्य ले रहे है lजिसका संगठन में एक मत से निंदा प्रस्ताव पारित किया गया । साथ ही जो भी बीएमओ और सीएमएचओ दबाव पूर्ण रूप से ऑनलाइन कार्य के लिए नोटिस या वेतन रोकने जैसी कार्यवाही करेगा उस बीएमओ और सीएमएचओ का घेराव कर उसको प्रभार से हटाने की मांग और न्यायलय में संघ के तरफ से उनके खिलाफ याचिका भी दायर की जाएगी ।
जल्द ही संगठन आर एच ओ को समस्त ऑनलाइन कार्य से दूर रखने की मांग शासन प्रशासन से जल्द करेगा ।
उपरोक्त जानकारी संघ के आईटी सेल प्रभारी सुरेश पटेल व सह प्रभारी संतलाल साहू ने दी है |