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देश की सेवा करने का है जज्बा, टेरिटोरियल आर्मी दे रही मौका, आवेदन प्रक्रिया शुरू

भारत-पाक के बीच सीजफायर हो चुका है, मगर देशवासभी अभी भी पाकिस्तान की नीयत पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं. इस बीच भारत सरकार ने भी टेरिटोरियल आमी के विस्तार की तैयारी कर ली है.

8 से 42 साल तक के आम लोग इस आर्मी में भर्ती होकर देश सेवा कर सकते हैं. इसके लिए कल यानी 12 मई से आवेदन शुरू हो रहे हैं जो 10 जून तक चलेंगे. 20 जुलाई को इसकी परीक्षा हो सकती है, हालांकि ये टेंटेटिव डेट है. इसमें बदलाव हो सकता है.

देश में रिजर्व रक्षा बलों की जरूरत बढ़ती जा रही है. खासतौर पर प्रादेशिक सेना यानी टेरिटोरियल आर्मी की ओर भी लोगों का ध्यान आकर्षित हो रहा है. यह आर्मी आपातकाल, वॉर, नेचर डिजास्टर समेत अन्य हालातों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. आइए जानते हैं इसके बारे में.

क्या है टेरिटोरियल आर्मी
टेरिटोरियल आर्मी एक अंशकालिक, स्वयंसेवी फोर्स है जो भारतीय सेना के बाद द्वितीय पंक्ति में काम करती है. खासतौर से आपाताकाल के समय ये जवान राष्ट्र की सेवा करते हैं, जबकि शांति के समय सिविलियन वर्क को जारी रखते हैं.

इतिहास में जाएं तो सबसे पहले टेरिटोरियल आर्मी का गठन 1949 में किया गया था. इसके बाद 1962 के भारत चीन युद्ध, 1965 और 1971 के पाकिस्तान के साथ युद्ध, कारगिल संघर्ष, जम्मू और कश्मीर और पूर्वोत्तर ऑपरेशनों सहित टेरिटोरियल आर्मी अब तक कई अभियानों में भाग ले चुकी है.

कैसे कर सकते हैं आवेदन
टेरिटोरियल आर्मी में कोई भी आम नागरिक शामिल हो सकता है, इसके लिए उसे एक परीक्षा से गुजरना होता है. इसके लिए 12 मई से आवेदन शुरू हो रहे हैं. आवेदन सिर्फ वही कर सकते हैं जिनकी उम्र 18 से 42 साल के बीच है, यानी वह 10 जून 2025 को न्यूनतम 18 वर्ष से 42 वर्ष के बीच के हों.

आवेदन के लिए प्रमुख शर्तें

राष्ट्रीयता: केवल भारत के नागरिक (पुरुष और महिला)
आयु सीमा: आवेदन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि तक 18 से 42 वर्ष अर्थात 10 जून 2025 को न्यूनतम 18 वर्ष तथा 42 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए.

शैक्षिक योग्यता: किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक

शारीरिक मानक: उम्मीदवार को सभी प्रकार से शारीरिक और चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ होना चाहिए.

रोजगार: लाभकारी रोजगार (केंद्र सरकार, राज्य सरकार, अर्ध-सरकारी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, निजी क्षेत्र, स्व-रोजगार या स्वयं का व्यवसाय.

नोट: नियमित सेना, नौसेना या वायु सेना, पुलिस, जनरल रिजर्व इंजीनियर बल, अर्धसैनिक या इसी तरह के अन्य बलों के सेवारत सदस्य पात्र नहीं हैं.

ये है चयन प्रक्रिया
उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाता है, उसके बाद प्रारंभिक साक्षात्कार बोर्ड (PIB) और सेवा चयन बोर्ड (SSB) द्वारा मूल्यांकन किया जाता है. चयनित होने के बाद, उम्मीदवारों को निर्दिष्ट सेना प्रशिक्षण केंद्रों में सैन्य प्रशिक्षण से गुजरना पड़ता है.

युद्ध के दौरान क्या करती है टेरिटोरियल आर्मी
युद्ध की स्थिति में, प्रादेशिक सेना नियमित भारतीय सेना की सहायता कर सकती है. प्रादेशिक सेना के कर्तव्यों में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और आपूर्ति मार्गों की रक्षा करना, रसद और परिवहन इकाइयों का समर्थन करना, नागरिक-सैन्य संपर्क कार्य करना, आपदा प्रतिक्रिया और चिकित्सा सहायता में सहायता करना, संवेदनशील क्षेत्रों में आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल हो सकता है.

 प्रादेशिक सेना भारतीय सेना को गैर-लड़ाकू लेकिन महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारियों को संभालकर अग्रिम पंक्ति के सैनिकों को युद्ध के लिए मुक्त करने की अनुमति देती है. नागरिक कौशल और सैन्य प्रशिक्षण की अपनी दोहरी क्षमता के साथ, प्रादेशिक सेना राष्ट्रीय आपातकाल के समय एक परिसंपत्ति है.



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