छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों व कर्मचारियों के द्वारा भ्र्ष्टाचार अपने चरम को पहुच चुका है, इसका उदाहरण बसना में देखने को मिला जहां एक ऐसा प्रशाशनिक अधिकारी जिस पर न्याय व्यवस्था और राजस्व व्यवस्था के पालन की जिम्मेदारी है, उसके द्वारा चरम सीमा तक किये जा रहे भ्र्ष्टाचार जन सामान्य के लिए आतंक का विषय बनता जा रहा है, बसना के राजस्व विभाग के नायब तहसीलदार से राइसमिल व्यापारी और अनाज काम काम करने व्यापारी, प्रत्येक आम इन्सान जिसे तहसीलदार में उस कर्मचारी से काम पड़ता हैं, वह उनकी भ्र्ष्टाचार की धार का शिकार बनाता है.