सरपंच सचिव का कारनामा पुराने भवन को नया दिखाकर किया गया 60 हजार का गबन.
सरकारें बदल जाती है लेकिन भ्रष्टाचार पंचायतों में अंगत की तरह पैर जमाये ही बैठा रहता है, हाल ही में पंचायत में भ्रष्टाचार के कई मामले उजागर हो रहे है, इज्ज़त घर से लेकर वृद्धा की पेंशन अवस्था तक की शासन द्वारा पहुंचाई जानी वाली राशि कई पंचायत, सरपंच और सचिवों ने मिलकर गबन किये. ये वो राशि है जो सरकार लोगों तक सीधे पहुंचती है इसके अलावा रोजगार सहायक के साथ मिलकर दुसरे के मेहनत की राशि और बिना काम के सरकारों की खाते अलग हैं.
भ्रष्टाचार के ख़िलाफ ग्राम पंचायत मोहका के सरपंच और उपसरपंच की बर्खास्तगी के बाद आज नए सरपंच की नियुक्ति अख़बारों में सुर्खियाँ बंटोर हुए है. बावजूद इसके सरपंच और सचिव के हौसले इतने बुलन्द है कि स्कूलो में बच्चो के नाम पर मध्यान्ह भोजन के लिए बनाये जाने वाला कीचड़ सेड के नाम पर 60 हजार रूपये ग़बन कर दिए.
मामला महासमुन्द जिले में सरायपाली ब्लॉक के ग्राम पंचाहत बोंदानावापाली का है जहां मध्यान्ह भोजन के लिए बनने वाली रशोई की हालत अत्यंत जर्जर थी जिसे नया बनाने के लिए 60 हजार की स्वीकृति हुई. मगर वहां पुराने जर्जर शिक्षक कक्ष को रिपेयरिंग कर नया दिखाया गया और 60 हजार का आहरण कर लिया गया.
इस भ्र्ष्टाचार के प्लान में जब किचन सेड तैयार हो रहा रहा था तब ना जाने किन अधिकारीयों ने अपनी आखों में पट्टी बांध कर निर्माण स्थल का जायजा लिया और स्वीकृति दी जिसे आज पूरी तरह भ्रष्टाचार बताया जा रहा है.
इस बड़े भ्र्ष्टाचार का खुलासा तब हुआ जब गाँव के ही एक व्यक्ति डील्लू पटेल ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत एसडीएम सरायपाली से की. शिकायत के बाद जनपद पंचायत का एक अधिकारी जाँच के लिए गांव स्कूल पहुँचे थे. बावजूद इसके यह मामला आज अख़बारों में प्रकाशित है.
मिली जानकारी के अनुसार 150 बच्चो के लिए मध्यान्ह भोजन बनने वाले किचन सेड का हालात बहुत ही खराब है उपर के छत खुला हुआ है बस रंग रोधन कर दिया गया है बाकी किचन सेड का अंदर वही पुराना और जर्जर भवन ही हैं जिसमे पानी अंदर आ जाता है. बरसात के दिनों में जहरीले जीव जंतुओं का भोजन के ऊपर गिरने का खतरा मंडराता ही रहता है जिससे बच्चों के सेहत के पर नुकसान हो सकता है.