news-details

महासमुंद : वजन त्यौहार में बच्चों व गर्भवती महिलाओं की जांच, कुपोषण पहचानकर उपचार से जोड़ा गया

आंगनबाड़ी स्वास्थ्य और शिक्षा का केंद्र बना

वजन त्यौहार में बच्चों व गर्भवती महिलाओं की जांच, कुपोषण पहचानकर उपचार से जोड़ा गया

देवार जाति की शाला त्यागी बच्चों को स्कूल से जोड़ने समझाइश

जिले में बच्चों के पोषण स्तर में सुधार और कुपोषण को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 9 से 18 फरवरी तक “वजन त्यौहार” का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शहरी परियोजना अंतर्गत डॉ. सुशील सैमुअल वार्ड (सेक्टर-01) में विशेष शिविर लगाकर बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पार्षद राहुल आवड़े एवं सुनैना पप्पू ठाकुर उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया तथा उनका वजन एवं ऊंचाई मापी गई। इस दौरान बच्चों का वजन-ऊंचाई परीक्षण किया गया।

कुपोषित बच्चों की पहचान, विशेष पोषण आहार व चिकित्सा सुविधा से जोड़ा

शिविर के दौरान कुपोषित एवं अत्यंत कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें विशेष पोषण आहार एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधा से जोड़ने की प्रक्रिया की गई। वहीं गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आयरन, कैल्शियम एवं पोषक तत्वों के सेवन की सलाह दी गई। पालकों को आहार तालिका प्रदान कर बच्चों के खान-पान में सुधार हेतु मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही हाथ धोने की आदत, स्वच्छता और नियमित टीकाकरण के महत्व पर भी जागरूक किया गया।

अतिथियों ने कहा कि विष्णु देव साय सरकार बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर है और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से चलाए जा रहे अभियानों से कुपोषण के खिलाफ प्रभावी कार्य हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर मातृ शक्ति को स्वावलंबी बनाया जा रहा है, जिससे परिवार के पोषण स्तर में भी सुधार संभव है।

पोषण रिपोर्ट से पालकों को किया जागरूक

शिविर में जांच के बाद पालकों को बच्चों की पोषण रिपोर्ट के बारे में बताया गया कि जीवन के शुरुआती 6 वर्ष बच्चे के शारीरिक व मानसिक विकास की मजबूत नींव होते हैं। नियमित जांच, संतुलित आहार और स्वच्छता से बच्चों को एनीमिया एवं कुपोषण जैसी बीमारियों से बचाया जा सकता है। कार्यक्रम का आयोजन सुपरवाइजर शीला प्रधान के मार्गदर्शन में किया गया।इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लल्ली आर्य, तीज बाई, आभा साहू, एवं मितानिन , पालकगण,बच्चे मौजूद थे।

शाला त्यागी किशोरियों को फिर से स्कूल से जोड़ा

शिविर के दौरान महत्वपूर्ण पहल के तहत शाला त्याग चुकी किशोरी बालिकाओं को पुनः स्कूल में जोड़ने हेतु भी समझाइश दी गई। वार्ड के देवार जाति की धनेशी, बृजला ,मालिनी ,कृतिका, 4 किशोरी बालिकाएं किसी कारणवश स्कूल छोड़ चुकी थीं, जिन्हें सुपरवाइजर शीला प्रधान की समझाइश के बाद पुनः स्कूल जाने के लिए तैयार किया गया। इसके अलावा पालकों को न्योता भोज के लिए बताया गया कि विशेष अवसरों में आंगनबाड़ी केदो में न्योता भोज का आयोजन कर अपने प्रियजनों के अवसरों को खास बनाएं।


अन्य सम्बंधित खबरें