छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का मामला विधानसभा में गूंजा
छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र के तीसरे दिन प्रदेश में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का मामला गूंजा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से यह मामला उठाया। सदस्यों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के कारण लगातार अपराध बढ़ रहे हैं और प्रशासन इसे रोकने में विफल रहा है। जवाब में गृहमंत्री विजय शर्मा ने सदस्यों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा नशीले पदार्थों की बिक्री पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। रायपुर में एक आरक्षक पर भी कार्रवाई हुई है।
इससे पहले, प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत ने सक्ती जिले में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण का मामला उठाया और गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इस पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरूण साव ने कहा कि यदि विभाग द्वारा एनजीटी को गलत जानकारी दी गई तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह, बालोद की कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों को लेकर सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र के एक सौ ग्यारह गांवों में पाईप लाइन के जरिए पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जवाब में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने बताया कि एक सौ ग्यारह गांवों में जल जीवन मिशन के कार्यों को पूरा कर लिया गया है और सभी जगह नियमित रूप से पेयजल की आपूर्ति हो रही है।