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60 रुपये के अनुबंध शुल्क पर सात लाख रुपये का ऋण देने का दावा फर्जी

सरकार ने पीएम मुद्रा योजना के अन्‍तर्गत आठ सौ 60 रुपये के अनुबंध शुल्क पर सात लाख रुपये का ऋण देने का दावा करने वाले फर्जी स्वीकृति पत्र का खंडन किया है।

पत्र सूचना कार्यालय की तथ्य जांच इकाई ने कहा है कि यह पत्र फर्जी है। कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि पुनर्वित्त एजेंसी सीधे जनता या छोटे उद्यमियों को ऋण नहीं देती है।

इसके बजाय, मुद्रा राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों, लघु वित्त संस्थानों, लघु वित्त बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को वित्‍तीय सहायता प्रदान करती है जो सूक्ष्म और लघु व्यवसायों के लिए ऋण प्रदान करते हैं।


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