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कीचड़ से होकर कॉलेज पहुँचते थे विद्यार्थी, श्रमदान कर स्वयं ही कर लिया मरम्मत

सरायपाली. ग्राम बलौदा में महाविद्यालय प्रारंभ होने के चार वर्ष बाद विद्यार्थियों को भवन हुआ, लेकिन नवीन भवन में कक्षायें प्रारंभ होने के तीन वर्ष बाद भी अब तक मुख्य मार्ग से कॉलेज तक पहुँचने के लिए कच्ची सड़क का ही सहारा लेना पड़ रहा है. वहीं अहाता के अभाव में कॉलेज का भवन भी सुरक्षित नहीं है. पर्यावरण को बढ़ावा देने की तमाम कोशिशों पर मवेशी पानी फेर रहे हैं.

चार वर्षों से पक्की सड़क की हो रही है मांग, लेकिन अब तक नहीं हुई पूरी

कच्चे पहुँच मार्ग में जगह-जगह गड्ढे एवं कीचड़ हो गए हैं, जिसमें आए दिन छात्र-छात्राएं तथा महाविद्यालयीन स्टाफ फिसल कर गिर जाते हैं. इसे देखते हुए विगत 4 वर्षों से विद्यार्थियों द्वारा यहाँ सड़क की मांग लगातार की जा रही थी. कई बार मांग करने के बावजूद सड़क न बनने एवं उस स्थान पर लगातार दुर्घटनायें होने से नाराज विद्यार्थियों ने आखिरकार स्वयं ही पहुँच मार्ग को सुधारने का बीड़ा उठा लिया और कुछ विद्यार्थी मिलकर श्रमदान कर इस कार्य में जुट गए.

विद्यार्थियों ने बताया कि विगत दिनों महाविद्यालय में आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम के दौरान भी विधायक किस्मत लाल नन्द से सड़क बनाने के लिए मांग की गई थी, लेकिन अभी तक नहीं बन पाया. इसके पहले भी पूर्व विधायक रामलाल चैहान से भी इसकी मांग की गई थी, लेकिन इसका भी कोई लाभ नहीं हुआ. इससे निराश छात्र छात्राओं ने आखिरकार आकाश स्वाईं के प्रतिनिधित्व में स्वयं ही श्रम दान कर सड़क को सुधारने का काम प्रारंभ कर दिया.

इसकी जानकारी मिलते ही बलौदा के कांग्रेसी नेता शंखाली प्रधान ने महाविद्यालय पहुँचकर छात्र छात्राओं से चर्चा की तो उन्होंने बताया की विगत दिनों दो छात्राएं एवं एक प्राध्यापक भी गिर गई थीं. इसलिए सभी मिलकर सड़क को सुधार रहे हैं. मौके पर ही श्री प्रधान ने विधायक श्री नंद से फोन पर संपर्क किया तो विधायक द्वारा जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ कराने की बात कही गई. मार्ग को सुधारने में महाविद्यालय के छात्र छात्राओं आकाश, पुनित, रंजीत, अजीत, आशीष, पायल, मीनाक्षी, पूजा, आस्था, अंजली, ममता सहित समस्त विद्यार्थियों का विशेष योगदान रहा.


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