नीट पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
नीट पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी। अदालत ने इसे बेहद संवेदनशील मामला बताते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े ऐसे मामलों में संस्थानों को जवाबदेह होना होगा।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर पूरी तरह सजग है और 21 तारीख को होने वाली नीट परीक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। हालांकि सुरक्षा कारणों से इन उपायों को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री स्वयं इस मामले की निगरानी कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए को अन्य संस्थानों से सीखने की जरूरत है।
अदालत ने टिप्पणी की कि यूपीएससी में कभी ऐसी स्थिति नहीं बनी। जस्टिस नरसिम्हन ने कहा कि संस्थानों में 'इंस्टीट्यूशनल कंटीन्यूटी' की कमी एक बड़ी समस्या है और सक्षम अधिकारियों के जाने के साथ उनका अनुभव भी संस्थान से चला जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि युवाओं को निराश नहीं किया जाना चाहिए। वर्षों की मेहनत के बाद पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों को गहरा मानसिक आघात पहुंचाती हैं। मामले की अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे सप्ताह में होगी। इससे पहले केंद्र सरकार को अपना हलफनामा दाखिल करना होगा.