9वीं के छात्र पढेंगे इतिहास के चर्चित और विवादित अध्याय
25 जून 1975... भारतीय लोकतंत्र का वो दौर जिसे आज भी देश के राजनीतिक इतिहास के सबसे चर्चित और विवादित अध्यायों में गिना जाता है. अब यही इतिहास देशभर के लाखों छात्र नौवीं कक्षा में पढ़ेंगे. राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद यानि NCERT ने सामाजिक विज्ञान के नए सिलेबस में बड़ा बदलाव करते हुए पहली बार इस विषय को कक्षा 9 की किताब में शामिल किया है. अब छात्र सिर्फ इतिहास की घटना नहीं बल्कि इसके पीछे की पूरी राजनीतिक और संवैधानिक पृष्ठभूमि को भी समझेंगे. पहले जहां Emergency का जिक्र मुख्य रूप से 12वीं की राजनीति विज्ञान की किताबों तक सीमित था. वहीं अब शुरुआती स्तर पर ही छात्रों को लोकतंत्र की चुनौतियों और संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ी इस घटना को समझाया जाएगा. बता दे कि, देश में आपातकाल लागू होने के लगभग 51 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह ऐतिहासिक बदलाव किया गया है.
इस नए बदलाव में क्या-क्या किया गया है शामिल
ये फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत स्कूली पाठ्यक्रमों में किए जा रहे बड़े बदलावों के तहत किया गया है - कक्षा 9 की इस नई किताब का नाम 'Understanding Society: India and Beyond' है - किताब में 1975 के आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के सामने आई सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक "Major Challenge to Democracy" के रूप में पेश किया गया है - इससे पहले आपातकाल का यह इतिहास केवल कक्षा 12 की राजनीति विज्ञान की किताबों में विस्तार से पढ़ाया जाता था - (किताब में बताया गया है कि) 1970 के दशक की शुरुआत में बेरोजगारी, महंगाई और कुप्रबंधन के कारण - तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ जनता में असंतोष बढ़ा - जून 1975 में "आंतरिक अशांति" (Internal Disturbance) का हवाला देते हुए आपातकाल लागू किया गया - अध्याय में मौलिक अधिकारों के निलंबन, प्रेस सेंसरशिप और विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारियों का विस्तृत उल्लेख किया गया है - (इसमें) लोकनायक जयप्रकाश नारायण की भूमिका और उनके द्वारा बिहार व गुजरात में किए गए छात्र व जन आंदोलनों को प्रमुखता से शामिल किया गया है - 1977 में आपातकाल हटने के बाद आम चुनावों में सत्तारूढ़ सरकार की हार को भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और लचीलेपन के उदाहरण के रूप में समझाया गया है.
आपातकाल के अलावा, इस नई किताब में समकालीन दौर की नई चुनौतियों और लोकतंत्र को मजबूत करने वाले कई अन्य महत्वपूर्ण खंड भी जोड़े गए हैं. 'डेमोक्रेसी एंड यू' छात्रों को सक्रिय नागरिक के रूप में उनकी भूमिका समझाने के लिए यह बिल्कुल नया सेक्शन जोड़ा गया है. आधुनिक चुनौतियाँ इसमें आज के समय के गंभीर मुद्दों जैसे फेक न्यूज, गलत सूचनाएं, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाना, गरीबी, क्षेत्रवाद और लैंगिक असमानता को भी शामिल किया गया है. मीडिया की भूमिका मीडिया को लोकतंत्र के "चौथे स्तंभ" के रूप में परिभाषित करते हुए इसकी भूमिका को स्पष्ट किया गया है.
NCERT का यह बदलाव छात्रों को सिर्फ एक ऐतिहासिक घटना याद कराने तक सीमित नहीं है. बल्कि इसके जरिए लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की अहमियत को समझाने की कोशिश की गई है. अब नौवीं के छात्र भी जानेंगे कि लोकतंत्र के सामने चुनौतियां क्या होती हैं और जनता की भागीदारी किस तरह लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाती है.