लोगो की जिंदगी निगल रहा है यह मार्ग आज तक सुधार नहीं
भंवरपुर से सरायपाली मार्ग के बीच इन दिनों कई बड़े बड़े गड्ढे पड़ चुके है, आये दिन इस मार्ग में लोगो की दुर्घटनाओं में जान माल के हानि की खबर सुनने को मिलती रहती है
भंवरपुर से सरायपाली का यह मार्ग एकल डामरीकरण मार्ग है और इस मार्ग बहुत ही भारी संख्या में ट्रक चार पहिया बड़े बड़े ट्रेलर अब इस मार्ग का सहारा लेने लगे है इसका सबसे बड़ा कारण सरायपाली से भंवरपुर के लिए एक लौता मार्ग यही है. जिसमे टोल से बचने हेतु नेशनल हाइवे का उपयोग ना कर बड़े-बड़े ट्रैलर बसना के बिहारी ढाबा से भंवरपुर से उमारिया कनकेबा होते हुए रात और दिनों में इस मार्ग का उपयोग करते है.
सत्र 2018 में लोक निर्माण विभाग के द्वारा सराईपाली से भंवरपुर मार्ग जो की एकल सड़क है और लम्बाई 12 किलो मीटर है भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए सड़क को दोहरीकरण करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था यह मार्ग एक व्यवस्तम मार्ग होने के साथ साथ एकल मार्ग भी है, जिससे आए दिन कोई न कोई दुर्घटना होते रहती है.मार्ग में प्रमुख कार्यालय, शासकीय अस्पताल, प्रस्तावित सेन्ट्रल, स्कूल, पाइप लाइन कार्यालय, सिंचाई विभाग, छात्रावास, लाज, रेस्टोरेंट, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, शराब दुकान, पब्लिसिंग हाउस, राईस मिल, क्रेसर, ईटा उधोग, के साथ पुष्प वाटिका भी है. कर्मचारियों के लिए यहाँ कालोनीयों का भी निर्माण कराया जा रहा है.
बालसी से इस मार्ग को जोड़ने के लिए डेढ़ किलो मीटर का मार्ग स्वीकृत है, इस मार्ग में वाहनों आवागमन हमेशा बना रहता है एकल रोड होने के कारण हमेशा वाहन चालक साइड देते समय फिसल कर दुर्घटना के शिकार हो जाते है.
बता दे की भंवरपुर से सराईपाली व्यवसाइयो के आवागमन के लिए भी एक ही मार्ग है. इस मार्ग में शासकीय अस्पताल होने के कारण यहाँ भी आना भारी मात्रा में लोगों का आना जाना लगा रहता है.
लेकिन आज तक इस मार्ग को दोहरीकरण के बजट नही मिल पा रहा है, आये दिनों इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि व पत्रकार द्वारा दोहरीकरण के लिए कई बार शासन प्रशासन से मांग किया जा रहा है लेकिन अभी तक मार्ग दोहरीकरण सपना ही रह गया है.
फाइल फ़ोटो.
फाइल फोटो.
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