सहकारी बैंक से कलेक्ट्रेट तक किसानों का मार्च, समर्थन मूल्य गारंटी कानून लागू करने की मांग
राजनांदगांव : समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी का लाभ देने, बकाया बोनस और किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदेश किसान संघ ने सोमवार को राजनांदगांव में किसान बैठक और मार्च का आयोजन किया। किसानों ने केंद्रीय सहकारी बैंक के सामने बैठक करने के बाद कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला और राष्ट्रपति व मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
3358 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी की मांग
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लगातार धान के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की जा रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ के किसानों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। प्रदेश किसान संघ ने समर्थन मूल्य बढ़ोतरी का लाभ देते हुए धान की खरीदी 3358 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने की घोषणा करने की मांग की।
किसान संघ के संयोजक सुदेश टीकम ने कहा कि वर्ष 2024-25 की अंतर राशि 117 रुपये प्रति क्विंटल और वर्ष 2025-26 की अंतर राशि 186 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों को भुगतान किया जाए। उन्होंने राजीव गांधी किसान न्याय योजना की बकाया एक किश्त का भुगतान करने की मांग भी उठाई।
इसके अलावा किसानों ने खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने और आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने की मांग की।
केंद्र से किए वादे पूरे करने की मांग
राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में किसान संघ ने दिल्ली में हुए किसान आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार की ओर से किए गए वादों को पूरा करने की मांग की। किसानों ने समर्थन मूल्य गारंटी कानून लागू करने, किसानों की ऋण माफी, बिजली के निजीकरण पर रोक और किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग उठाई।
किसान संघ का कहना है कि इन मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन अब तक पूरी तरह लागू नहीं किए गए हैं। किसानों ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप कर उनकी मांगों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की है। किसान मार्च के दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।