तोषगाँव में देना बैंक की नई शाखा खोलने की मांग
सरायपाली. ग्राम तोषगाँव में 36 वर्ष पूर्व प्रारंभ हुए देना बैंक (बैंक ऑफ़ बड़ौदा) की शाखा विगत दो वर्षों से बंद हो गई है. इससे विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों सहित कई शासकीय कर्मचारियों को भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इस प्रकार समस्याओं को देखते हुए यहाँ बैंक की शाखा को पुनरू प्रारंभ करने के लिए तोषगाँव के सभी शासकीय कर्मचारी, पेंशनधारी व अधिकारीगणों ने देना बैंक सरायपाली एवं भिलाई के शाखा प्रबंधक, सांसद महासमुंद एवं मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित कर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया है.
ग्रामीणों ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि 1 जनवरी 1983 को ग्राम तोषगाँव में देना बैंक की शाखा प्रारंभ हुई थी, लेकिन सरायपाली में देना बैंक की शाखा खुलते ही तोषगांव की शाखा के क्रियाकलापों में शिथिलता आती गई, जिसके कारण यह शाखा विगत 2 वर्षों से बंद पड़ी है. पुनरू शाखा खुलने से वहाँ निवासरत वृद्धा पेंशन हितग्राहियों, केन्द्र व राज्य शासन के पेंशनरों, पुलिस बल, सैनिक, अर्धसैनिक, शिक्षक व अन्य विभाग के नियमित कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा.
जानकारी अनुसार तोषगाँव की आबादी लगभग 6 हजार है और यहाँ 4 प्राथमिक, 2 उच्च प्राथमिक, हाई स्कूल व हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित हैं. इसके अलावा दो बालक व बालिका छात्रावास, आयुर्वेदिक औषधालय, पशु चिकित्सालय व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भी हैं. स्व सहायता समूह, पेंशनरों व 80 वर्ष से अधिक उम्रदराज लोगों को राशि के लिए 20 किमी का सफर तय कर सरायपाली आना पड़ता है. उक्त समस्याओं को देखते हुए तोषगाँव में बैंक की नवीन शाखा खोलने के लिए सरपंच कुमुदिनी भोई, स्कूल के प्रधान पाठक व प्राचार्य, पेंशनर संघ के अध्यक्ष सहित दर्जनों ग्रामीणों के द्वारा मांग की गई है.