घर-घर कचरा संग्रहण से गांवों में जाग रही स्वच्छता की अलख, 15 अगस्त तक बनेगा स्वच्छता मॉडल गांव
जांजगीर-चांपा जिले के गांवों में स्वच्छता अभियान को नई दिशा देने की पहल शुरू की गई है। घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का पृथक्करण और वैज्ञानिक तरीके से निपटान के जरिए गांवों को स्वच्छता का मॉडल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। 15 अगस्त तक जिले की हर जनपद पंचायत से एक ग्राम पंचायत को 100 प्रतिशत स्वच्छता गतिविधियों से जोड़ने की तैयारी है।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार पोयाम के मार्गदर्शन में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है। नवागढ़ में करमंदी, बलौदा में जुनाडीह, बम्हनीडीह में भागोडीह, अकलतरा में अमलीपाली और पामगढ़ में जोगीडीपा को प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद 30 अक्टूबर तक जिले की 68 ग्राम पंचायतों को इस व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
जनपद पंचायत बलौदा के ग्राम जुनाडीह में घरों से चार प्रकार के कचरे का अलग-अलग संग्रहण किया जाएगा। हरे डिब्बे में गीला, नीले में सूखा, लाल में सेनेटरी और काले डिब्बे में विशेष या खतरनाक कचरा रखा जाएगा। स्वच्छाग्रही दीदियां घर-घर जाकर कचरा संग्रहण के साथ ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगी।
व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यूजर चार्ज, निगरानी समिति और पंचायत स्तर पर आवश्यक कार्रवाई का प्रावधान किया जा रहा है। साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।
अब देखना होगा कि यह अभियान गांवों में स्वच्छता को लेकर कितना बड़ा व्यवहार परिवर्तन ला पाता है और जिले की ग्राम पंचायतें किस तरह स्वच्छता का मॉडल बनती हैं।