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महासमुंद के करनी कृपा पावर प्लांट में फिर हादसा, दो घायल; अशवंत तुषार साहू ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठे या सवाल

तुमगांव क्षेत्र के कोवाझर स्थित करनी कृपा पावर प्लांट में सोमवार शाम करीब 5 बजे एक गंभीर औद्योगिक हादसा होने की प्राथमिक जानकारी सामने आई है। हादसे में दो लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। घायलों की पहचान धरसीवा निवासी नवल वर्मा और अकलतरा निवासी ज्योतिष सिंह के रूप में बताई जा रही है।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, हादसे में एक घायल की आंख में गंभीर चोट आई है। दोनों घायलों को उपचार के लिए रायपुर के समता कॉलोनी स्थित अग्रवाल अस्पताल में भर्ती कराए जाने की जानकारी सामने आई है।

घटना की जानकारी पुलिस को तत्काल क्यों नहीं दी गई?

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि औद्योगिक क्षेत्र में हुई घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को तत्काल दी गई थी या नहीं। आरोप है कि घटना को दबाने अथवा मामले को सार्वजनिक होने से रोकने का प्रयास किया गया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

प्लांट में पहले भी उठ चुके हैं सवाल

करनी कृपा पावर प्लांट में यह पहला मामला नहीं है, जब किसी घटना को लेकर सवाल उठे हों। इससे पहले भी प्लांट में हुई घटनाओं को लेकर शिकायतें और विवाद सामने आ चुके हैं। उस समय महासमुंद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्रवाई की थी। वहीं, कलेक्टर के स्तर से भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए जाने की जानकारी सामने आई थी। बताया गया था कि जांच के दौरान प्लांट प्रबंधन की कथित लापरवाही से जुड़े बिंदु भी सामने आए थे।

सुरक्षा मानकों पर फिर सवाल

ताजा घटना ने एक बार फिर करनी कृपा पावर प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया है। आखिर औद्योगिक हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन को सूचना देने की जिम्मेदारी किसकी है? यदि दो कर्मचारी घायल हुए हैं, तो हादसे की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं? क्या प्लांट में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था? क्या घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई?

इन सवालों के जवाब प्रशासनिक और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

फिलहाल घटना की आधिकारिक पुष्टि, हादसे के वास्तविक कारण और घायलों की वर्तमान स्थिति को लेकर पुलिस अथवा प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि हादसे की वास्तविक वजह सामने आने के साथ ही यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदारी पर शासन प्रशासन सख्त एक्शन लिया जाए ।

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