पिथौरा : नियमों की धज्जियां उड़ती रहीं, शिक्षा विभाग बना मूकदर्शक
जिले में बगैर मान्यता निजी स्कूल संचालित कर फर्जी अंकसूची और स्थानातंरण पत्र बांटने का खेल कथित तौर पर लंबे समय से जारी है। शिकायते सामने आने के बावजूद जिम्मेदार विभागीय अमले की कार्रवाई सुस्त पडी है। इससे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे है और निजी स्कूल संचालको को कथित संरक्षण मिलने के आरोप भी गहराते है।
पिथौरा ब्लाक के सलडीह ग्राम में गोल्डल पब्लिक स्कूल पर कई वर्षो से बगैर मान्यता स्कूल संचालित करने का आरोप है। इस संबंध में लिखित शिकायत के बावजूद डीईओ कार्यालय महासमुन्द स्तर से अब जक जांच शुरू नही किए जाने का आरोप शिकायतकर्ता ने लगाया है।
आरटीआई कार्यकर्ता विनोद कुमार दास ने 15 जुलाई को डीईओ कार्यालय को गोल्डन पब्लिक स्कूल के संबंध में लिखित शिकायत किया। उनका आरोप है कि शिकायत पर जांच प्रारंभ करने के बजाय आवेदन को दबाकर रखा गया है। जो शिक्षा के अधिकार अधिनियम की मंशा के विपरीत है।
शिक्षा के अधिकार के तहत बगैर मान्यता स्कूल संचालित करने पर कार्रवाई और एक लाख रूपये जुर्माना का प्रावधान है। इसके बाबजूद यदि नियमो की अनदेखी होती है, तो महज विभागीय उदासीनता नही, बल्कि कानून के अनुपालन पर गंभीर प्रश्न खडा करता है।
इस संबंध में डीईओ महासमुन्द बनवारी लाल देवांगन ने इस शिकायत आवेदन की जानकारी नही होने एवं संबंधित शाखा से जानकारी लेकर जांच शुरू कराने की बात कही है।