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महासमुंद : कलेक्टर ने ली राजस्व अधिकारियों की बैठक, राजस्व अधिकारियों की बैठक में विशेष श्रेणी के किसानों के एग्रीस्टैक पंजीयन पर जोर

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज शाम 4.30 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व प्रकरणों के निराकरण और विभागीय कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने एग्रीस्टैक पंजीयन को प्राथमिकता देते हुए विशेष श्रेणी के किसानों सहित पात्र किसानों का पंजीयन निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में विशेष श्रेणी के शेष 493 किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन 10 दिवस के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू, डिप्टी कलेक्टर सृष्टि चंद्राकर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व  अक्षा गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर  तेजपाल सिंह ध्रुव सहित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार मौजूद थे तथा अन्य अनुविभाग एवं तहसील के राजस्व अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पंजीयन में बकेट क्लेम की प्रक्रिया को सुनिश्चित करें तथा अधिक से अधिक किसानों को इसमें शामिल कर संबंधित सहकारी समितियों के माध्यम से बकेट क्लेम कराया जाए। साथ ही संयुक्त खातेदारों का भी पंजीयन प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए गए। बैठक में डीसीएस सर्वे प्रत्येक ग्राम में कराने, सभी प्लॉट का सर्वे एवं आवश्यक अपडेट सुनिश्चित करने तथा ग्रामों में सर्वे कार्य को गति देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को अप्रूवल रेट बढ़ाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

इसके अलावा स्वामित्व पट्टा अंतर्गत तैयार पट्टों का वितरण शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नगरीय निकायों में भी पट्टा अधिनियम अंतर्गत सर्वे कार्य की समीक्षा की गई। साथ ही नक्शा बंटाकन एवं अपडेशन का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों एवं तहसीलदारों से नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, वन अधिकार पत्र, भू-अर्जन, राजस्व वसूली सहित ग्रामीणों से जुड़े विभिन्न राजस्व प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। विवादित एवं अविवादित नामांतरण, बंटाकन, बंदोबस्त, त्रुटि सुधार, डायवर्सन और सीमांकन प्रकरणों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र एवं लक्षित हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए अधिकारी सकारात्मक परिणाम के साथ कार्य करें। उन्होंने न्यायालयीन प्रकरणों का भी समय-सीमा में निराकरण करने तथा लोक सेवा गारंटी योजना के तहत प्राप्त आवेदनों को निर्धारित अवधि में निपटाने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व पुस्तक परिपत्र के तहत पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार लाभ दिलाने कहा।

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