तीन दिन तक मौत से जंग… आधी रात खुद ऊपर आया आदिल का शव, ब्लू वाटर फिर सवालों के घेरे में
रायपुर : नया रायपुर के नकटी गांव स्थित ब्लू वाटर खदान में बुधवार से जारी आदिल खान की तलाश शनिवार-रविवार की दरमियानी रात खत्म हुई। करीब 80 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद आधी रात आदिल का शव पानी की सतह पर दिखाई दिया। सूचना मिलते ही SDRF और NDRF की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को मर्चुरी भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि 24 वर्षीय आदिल खान बुधवार को दोस्तों के साथ ब्लू वाटर खदान पहुंचा था। दोस्तों के बीच पानी पार करने की शर्त लगी थी। आदिल अपने दोस्त तौफीक के साथ पानी में कूदा, लेकिन गहराई में जाने के बाद वह डूब गया। तौफीक किसी तरह बाहर निकल आया, जबकि आदिल का पता नहीं चल सका।
80 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
हादसे की सूचना के बाद SDRF और अन्य बचाव दलों ने तत्काल मोर्चा संभाला। खदान की गहराई करीब 400 फीट तक बताई जा रही है, जिसके चलते पानी के भीतर सर्च ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। दिन-रात बचाव दल आदिल की तलाश में जुटे रहे और परिजन भी उसके मिलने की उम्मीद में मौके पर डटे रहे।
नौसेना की टीम पहुंचने से पहले मिली सफलता
रेस्क्यू ऑपरेशन की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के आग्रह पर विशाखापट्टनम स्थित ईस्टर्न नेवल कमांड से भारतीय नौसेना के विशेषज्ञ गोताखोरों की टीम बुलाई गई थी। टीम में एक अधिकारी समेत 10 नौसैनिक शामिल थे और रविवार को उनके छत्तीसगढ़ पहुंचकर ऑपरेशन संभालने की तैयारी थी। हालांकि, इससे पहले ही आधी रात आदिल का शव पानी की सतह पर आ गया।
हादसे के बाद फिर उठे सुरक्षा पर सवाल
ब्लू वाटर खदान की गहराई और यहां पहले भी सामने आ चुके हादसों के बाद एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने खदान क्षेत्र में सख्त प्रतिबंध, सुरक्षा घेराबंदी और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि लोग रोमांच या पिकनिक के नाम पर अपनी जान जोखिम में न डालें।
ब्लू वाटर कोई पिकनिक स्पॉट नहीं है। यहां पानी में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। आदिल की मौत एक दर्दनाक हादसे के साथ-साथ उन सभी लोगों के लिए चेतावनी है, जो रोमांच के लिए ऐसे खतरनाक स्थानों का रुख करते हैं।