हमर क्लिनिक का सच: डॉक्टरों की जगह नर्सों के भरोसे स्वास्थ्य सेवा!
बिलासपुर : स्लम और जरूरतमंद इलाकों में लोगों को घर के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए हमर क्लिनिक की जमीनी हकीकत को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बिलासपुर शहर के अलग-अलग हमर क्लिनिकों का स्टिंग किया, जहां तीन क्लिनिकों में डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं मिले। इन जगहों पर नर्स ही मरीजों को संभालती नजर आईं।
सबसे पहले तिलक नगर स्थित हमर क्लिनिक पहुंची। यहां नर्स मौजूद थीं, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। डॉक्टर के बारे में पूछने पर नर्स ने बताया कि डॉक्टर वीआईपी ड्यूटी में थे और उस दिन छुट्टी पर थे। इसके बाद टीम गोंडपारा स्थित हमर क्लिनिक पहुंची, जहां भी डॉक्टर मौजूद नहीं मिले और उनके छुट्टी पर होने की जानकारी दी गई।
इसके बाद टीम कस्तूरबा नगर स्थित हमर क्लिनिक पहुंची और मरीज बनकर वहां की व्यवस्था का जायजा लिया। यहां भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे। नर्स ने डॉक्टर के लंबे अवकाश पर होने की जानकारी दी और बताया कि वे करीब तीन महीने से छुट्टी पर हैं। इस दौरान रिपोर्टर को दवा भी नर्स की ओर से दी गई।
लगातार तीन अलग-अलग हमर क्लिनिकों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल यह है कि डॉक्टर की गैरमौजूदगी में क्लिनिक पहुंचने वाले मरीजों को किस तरह की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है और उनकी जांच व उपचार की जिम्मेदारी किसकी है।
शुरुआत में बिलासपुर शहर में 20 से अधिक हमर क्लिनिक संचालित होने की बात कही जाती थी, लेकिन वर्तमान में इनकी संख्या सीमित रह गई है। ऐसे में जमीनी पड़ताल ने बचे हुए हमर क्लिनिकों में डॉक्टरों की उपलब्धता, नियमित संचालन और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
अब यह देखना अहम होगा कि स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में इन डॉक्टरों की ड्यूटी और अवकाश की स्थिति क्या है और डॉक्टरों की अनुपस्थिति में मरीजों के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। साथ ही, क्या यही स्थिति शहर के अन्य हमर क्लिनिकों में भी है, यह भी जांच का विषय है।