CG : 30 स्पा सेंटरों पर एक साथ औचक जांच, दो में आपत्तिजनक वस्तुएं मिलने के बाद कार्रवाई
राजधानी रायपुर में अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा अभियान चलाया है। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में संचालित 30 स्पा सेंटरों पर एक साथ औचक जांच की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दस्तावेजों से लेकर CCTV फुटेज और कर्मचारियों के वेरिफिकेशन तक की पड़ताल की। वहीं, दो स्पा सेंटरों में आपत्तिजनक वस्तुएं मिलने के बाद मैनेजर और कर्मचारियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कानूनी कार्रवाई की गई।
राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट ने अवैध और संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए व्यापक जांच अभियान चलाया। शहर के अलग-अलग इलाकों में संचालित 30 स्पा सेंटरों को एक साथ जांच के दायरे में लिया गया।
इस अभियान के लिए पुलिस ने 15 विशेष टीमों का गठन किया था। कार्रवाई में राजपत्रित अधिकारियों समेत 100 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। तीनों पुलिस जोन में एक साथ यह जांच अभियान चलाया गया।
कार्रवाई पुलिस उपायुक्त वेस्ट जोन रॉबिन्सन गुरिया, सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल और नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप के मार्गदर्शन में की गई। अलग-अलग टीमों ने स्पा सेंटरों में पहुंचकर रिकॉर्ड और व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की।
पुलिस टीमों ने स्पा सेंटरों में केवल दस्तावेज ही नहीं देखे, बल्कि CCTV व्यवस्था और कर्मचारियों से संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाले। जांच का उद्देश्य नियमों के पालन और किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता लगाना था।
सघन जांच के दौरान डीडी नगर थाना क्षेत्र के एलिना स्पा सेंटर और पंडरी थाना क्षेत्र के अंबुजा मॉल स्थित ला थाई स्पा सेंटर में आपत्तिजनक वस्तुएं मिलने की जानकारी सामने आई।
आपत्तिजनक वस्तुएं मिलने के बाद पुलिस ने दोनों स्पा सेंटरों के मैनेजर और कर्मचारियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कानूनी कार्रवाई की। पुलिस टीमों ने मौके से संबंधित जानकारी जुटाई और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की।
जांच अभियान के दौरान पुलिस ने स्पा सेंटरों में लगे CCTV कैमरों की कार्यप्रणाली और रिकॉर्डिंग क्षमता की भी जांच की। संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के लिहाज से CCTV व्यवस्था को भी जांच का अहम हिस्सा बनाया गया।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि शहर में संचालित स्पा सेंटरों पर निगरानी और जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। नियमों की अनदेखी या किसी भी तरह की अवैध गतिविधि सामने आने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।