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बिलासपुर हिंसा पर भूपेश बघेल का बड़ा हमला, बोले- गृह मंत्रालय और अपना जिला नहीं संभल रहा

बिलासपुर में हुई हिंसा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने गृह मंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि गृह मंत्रालय तो संभल नहीं रहा, अपना जिला भी नहीं संभल रहा। बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार केवल वसूली में लगी है और कार्रवाई के बजाय लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आरएसएस से जुड़े लोगों पर कार्रवाई नहीं होने का भी आरोप लगाया।

भूपेश बघेल ने कहा कि किसी पर आरोप लगा देना आसान है, लेकिन कार्रवाई करना अलग बात है। उनका आरोप था कि आरएसएस से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है, इसलिए केवल आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने गृह मंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब गृह मंत्रालय और गृह मंत्री का अपना जिला ही नहीं संभल रहा है तो इससे उनकी क्षमता पर सवाल खड़े होते हैं। बघेल ने प्रदेश की स्थिति को लाचार और खराब बताया।

बिलासपुर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात दो पक्षों के विवाद के बाद स्थिति बिगड़ गई थी। कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी की बात फैलने के बाद बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इसके बाद पथराव और तोड़फोड़ शुरू हो गई। हिंसा के दौरान कई गाड़ियों, घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। पथराव में तारबाहर टीआई रवि तिवारी के सिर में चोट लगी। एक आरक्षक समेत कई लोग भी घायल हुए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह हेलमेट पहनकर मौके पर पहुंचे। जांजगीर-चांपा, मुंगेली और सीएएफ से अतिरिक्त बल बुलाया गया। तड़के करीब 4 बजे तक थाने और आसपास के इलाकों में भीड़ जुटी रही।

पुलिस अब उपद्रवियों की पहचान के लिए CCTV और ड्रोन फुटेज खंगाल रही है। दोनों पक्षों के नामजद लोगों समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ बलवा, धारा 307 और धारा 191 के तहत FIR दर्ज की गई है। सिटी कोतवाली क्षेत्र में धारा 144 लागू है। कलेक्टर और एसएसपी ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च भी किया।

रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों के बीच हुई 1-to-1 चर्चा को लेकर भी भूपेश बघेल ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मंत्री अपने काम का ठीक से निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं और अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। बघेल ने सरकार के पास पैसे नहीं होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार में कई स्तर से हस्तक्षेप हो रहा है। बघेल के मुताबिक, एक नेता किसी अधिकारी को काम के लिए फोन करता है तो चार नेता उसी काम को नहीं करने के लिए फोन कर देते हैं। इससे अधिकारी भी असमंजस में हैं कि किसकी बात सुनी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार से व्यवस्था नहीं संभल रही है।

देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई को लेकर राहुल गांधी के बयान पर भी बघेल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देश को संविधान के अनुसार चलाया जाना चाहिए, धार्मिक ग्रंथों के आधार पर नहीं। बघेल ने कहा कि धार्मिक ग्रंथों से सीख मिलती है, लेकिन देश संविधान के हिसाब से चलेगा। खरगे की सभा वाली जगह के कथित शुद्धिकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे इसका उदाहरण बताया। बघेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिस सभा में गए थे, वहां बाद में शुद्धिकरण किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरएसएस के लोगों ने संविधान की प्रतियां जलाई थीं।

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