महासमुंद : अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता सप्ताह एवं साक्षरता पखवाड़ा के तहत 1 से 15 सितम्बर तक होंगे विविध कार्यक्रम
छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग रायपुर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार पूरे देश में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। “सभी के लिए शिक्षा” पर केन्द्रित इस कार्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य जन-जन को साक्षर बनाना तथा 15 वर्ष से अधिक आयु के उन वयस्कों को शिक्षा से जोड़कर सशक्त बनाना है, जिन्होंने स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं की है।
भारत सरकार, शिक्षा मंत्रालय द्वारा 8 सितम्बर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में 1 से 15 सितम्बर तक देशव्यापी साक्षरता पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान जिले के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक दिवस की गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। साक्षरता पखवाड़े के प्रथम दिवस 1 सितम्बर को जिला, विकासखण्ड, ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर के समस्त शासकीय कार्यालयों, स्कूलों एवं कॉलेजों में उल्लास शपथ एवं नारा लेखन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा।
इसके बाद ग्राम पंचायत एवं शहरी वार्ड स्तर पर 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों की पहचान के लिए घर-घर सर्वेक्षण किया जाएगा। चिन्हित असाक्षरों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों का उल्लास मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन डिजिटल पंजीयन भी किया जाएगा।
पखवाड़े के दौरान विद्यालयों में साक्षरता संगोष्ठी एवं “अंगूठे से कलम की ओर” अभियान चलाया जाएगा। शिक्षक दिवस के अवसर पर साक्षरता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों एवं समाजसेवियों का सम्मान किया जाएगा। स्थानीय हाट-बाजार एवं सार्वजनिक स्थलों पर साक्षरता चैपाल, नुक्कड़ नाटक और लोकगीतों के माध्यम से जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसी प्रकार “सबके लिए शिक्षा” विषय पर चर्चा, वाद-विवाद, गीत, नृत्य, चित्रकला, पेंटिंग एवं मेहंदी सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थाओं में किया जाएगा।
8 सितम्बर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर लेखक, साहित्यकार, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, स्वयंसेवी शिक्षक एवं शिक्षार्थियों की सहभागिता से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर शाम 7 बजे साक्षरता दीप प्रज्ज्वलित किया जाएगा तथा मानव श्रृंखला भी बनाई जाएगी। नवाचारी शिक्षकों द्वारा उल्लास शिक्षार्थियों के लिए मनोरंजक शिक्षण-अधिगम सामग्री, जादुई पिटारा एवं अन्य नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा। वाचन दिवस के अवसर पर विद्यालयों एवं सामाजिक चेतना केन्द्रों में नए शिक्षार्थियों के साथ दादा-दादी, नाना-नानी एवं माता-पिता द्वारा कहानी वाचन किया जाएगा।
महिला साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए रेडियो जिंगल एवं लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित स्वसहायता समूहों की निरक्षर महिलाओं को शिक्षा से जोड़ने एवं पढ़ने के लिए प्रेरित करने विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अलावा व्यावसायिक एवं डिजिटल साक्षरता के तहत नागरिकों को स्मार्टफोन चलाने, सुरक्षित ऑनलाइन फॉर्म भरने, व्हाट्सएप संदेश पढ़ने तथा विभिन्न शासकीय एप का उपयोग करना सिखाया जाएगा।
साक्षरता पखवाड़े के दौरान नवसाक्षर महिला एवं पुरुषों की सहभागिता से उल्लास मेले का आयोजन भी किया जाएगा। हिन्दी दिवस के अवसर पर विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में उल्लास एवं साक्षरता विषय पर निबंध लेखन, स्लोगन लेखन एवं पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। 15 सितम्बर को साक्षरता पखवाड़े का समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। साथ ही सर्वेक्षित शिक्षार्थियों की अंतिम सूची तैयार कर उनका उल्लास एप पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला शिक्षा अधिकारी एवं सदस्य सचिव, जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण बनवारी लाल देवांगन, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा रेखराज शर्मा तथा जिला परियोजना अधिकारी, जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण सम्पा बोस द्वारा सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों एवं नोडल अधिकारियों को 1 से 15 सितम्बर 2026 तक प्रतिदिन निर्धारित गतिविधियों का आयोजन सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं निर्देश प्रदान किए गए हैं।