महासमुंद : शासकीय उच्च प्राथमिक शाला चिंगरौद में शिक्षकों ने अपने तथा अपने पुत्र व भतीजे के जन्म दिवस के अवसर पर नेवता भोज कराया
शासन की महत्वाकांक्षी योजना न्योता भोज के अंतर्गत शासकीय उच्च प्राथमिक शाला चिंगरौद में एक अभिनव पहल देखने को मिली। विद्यालय के प्रभारी प्रधान पाठक डिगेश कुमार ध्रुव ने अपने पुत्र वियान ध्रुव, वरिष्ठ शिक्षक योगेश कुमार मधुकर ने स्वयं व अपने भतीजे अर्षित मधुकर तथा विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक पोखनलाल चंद्राकर का जन्मदिवस माह अगस्त में तीन सोपानों व अवसर पर विद्यालय के समस्त बच्चों के साथ मिलकर विशेष न्योता भोज का आयोजन कर किया गया।
इस अवसर पर तीनों ही शिक्षकों ने बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन जैसे - खीर - पुरी, मिक्स सब्जी, समोसा,बड़ा, केला, मीठे व्यंजन में जलेबी एवं बच्चों के सबसे प्रिय होममेड चॉकलेट केक की व्यवस्था की गई। बच्चों ने बड़े ही चाव से सभी व्यंजनों का अलग-अलग दिन बारी-बारी से आनंद लिया और जन्मदिन की बधाई देते हुए खुशी जाहिर की। होममेड केक बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक दीपक राम सिन्हा ने उक्त आयोजन के संबंध में कहा कि यह न्योता भोज प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में आपसी प्रेम, समानता और "हम सब एक परिवार हैं" की भावना को विकसित करना है।
प्रभारी प्रधान पाठक डीगेश कुमार ध्रुव ने कहा कि मैं अपने दोनों शिक्षक साथियों और हमारे होनहार बच्चों अर्षित और वियान को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ। साथ ही सभी ने अपने परिवार के बच्चों का जन्मदिवस शाला के बच्चों के साथ मनाकर एक बहुत ही अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। शासन की न्योता भोज योजना का यही असली उद्देश्य है - कि समुदाय स्कूल से जुड़े। जब बच्चा अपना जन्मदिन अपने सहपाठियों के साथ मनाता है, तो उसमें बांटने की खुशी और सामाजिकता का विकास होता है। मैं मधुकर सर को इस अनुकरणीय पहल के लिए पूरे शाला परिवार की ओर से धन्यवाद देता हूँ। जिनके मार्गदर्शन से विभिन्न बौद्धिक परिचर्चाओं व इस प्रकार के आयोजन उनके मार्गदर्शन में प्रमुख रूप से किया जाता है।
वरिष्ठ शिक्षक योगेश कुमार मधुकर ने कहा कि मेरे जन्म दिवस की असली खुशी तब मिली जब मैंने देखा कि हमारे बच्चे इतने खुश हैं। हमारे छत्तीसगढ़ में जन्मदिवस पर पूरे गांव को न्योता देने की परंपरा है, उसी परंपरा को हमने स्कूल में निभाया है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि हमारे बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी हों, बच्चों की मुस्कान ही हमारे लिए सबसे बड़ा उपहार है।"
वरिष्ठ शिक्षक पोखनलाल चंद्राकर ने कहा कि NEP 2020 भी कहता है - सीखना केवल किताब से नहीं, बल्कि अनुभव और खुशी से होता है। जब बच्चा साथ बैठकर खाता है, तो उसमें समानता और भाईचारा आता है। मैं प्रधान पाठक महोदय और मधुकर सर का आभारी हूँ जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाया और सभी बच्चों को धन्यवाद देता हूँ जिन्होंने हमारे जन्मदिन को इतना खास बनाया।"
उक्त कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षक कोमल राम निषाद एवं समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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