सेवा भूमि के मुआवजे की मांग, 8 गांवों के कोटवारों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
रायगढ़ : गारे पेलमा क्षेत्र की सेवा भूमि के प्रभावित होने को लेकर 8 गांवों के ग्राम कोटवारों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। कोटवारों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सेवा भूमि प्रभावित होने की स्थिति में नियमानुसार मुआवजा और पुनर्वास राशि दिए जाने की मांग की है।
ग्राम कोटवारों का कहना है कि शासन की ओर से सेवा के बदले मिली जमीन ही उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन है। वे वर्षों से इसी सेवा भूमि पर कृषि कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे हैं। ऐसे में शासकीय परियोजनाओं, औद्योगिक गतिविधियों और विकास कार्यों के चलते यदि उनकी भूमि प्रभावित होती है, तो उन्हें नियमानुसार मुआवजा मिलना चाहिए।
कोटवारों का दावा है कि छत्तीसगढ़ शासन की आदर्श पुनर्वास नीति में विस्थापित कोटवार की सेवा भूमि के बदले बाजार मूल्य के बराबर एकमुश्त राशि दिए जाने का प्रावधान है। इसी आधार पर उन्होंने अपनी सेवा भूमि की स्थिति की जांच कर पात्रता निर्धारित करने की मांग की है।
ज्ञापन के माध्यम से कोटवारों ने राजस्व अभिलेखों के आधार पर सेवा भूमि का सर्वे और सत्यापन कराने, पात्र हितग्राहियों को मुआवजा अथवा पुनर्वास का लाभ देने की मांग की है। साथ ही उनका कहना है कि यदि सेवा भूमि के बदले मुआवजे का प्रावधान लागू नहीं है, तो संबंधित शासनादेश या नियम की लिखित जानकारी उन्हें उपलब्ध कराई जाए।
अब कोटवारों की मांग पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है और सेवा भूमि के मुआवजे को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर उनकी नजर बनी हुई है।