11 सितंबर को कर्मचारियों का बड़ा प्रदर्शन, 5 सूत्रीय मांगों को लेकर इंद्रावती भवन के सामने जुटेंगे कर्मचारी
रायपुर : छत्तीसगढ़ में नियमित और अनियमित कर्मचारियों के साथ पेंशनरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। कर्मचारी संगठनों की ओर से 11 सितंबर को नया रायपुर स्थित इंद्रावती भवन के गेट नंबर-3 के सामने संयुक्त प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारी नेताओं के मुताबिक प्रदर्शन में 30 से अधिक कर्मचारी और पेंशनर संगठनों के वर्तमान एवं पूर्व प्रांताध्यक्ष शामिल होंगे।
छत्तीसगढ़ प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदर्शन के संयोजक करन सिंह अटेरिया ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले शुरू किए गए 'एक मांग-एक मंच' अभियान को अब विभिन्न कर्मचारी संगठनों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने सरकार पर कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया।
महंगाई भत्ते को लेकर भी नाराजगी
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों और पेंशनरों को समय पर महंगाई भत्ता नहीं दिया जा रहा है। साथ ही लंबित महंगाई भत्ता एरियर्स का भुगतान भी नहीं हुआ है। अटेरिया ने कहा कि 13 सितंबर 2025 को वित्त मंत्री की ओर से कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल को वर्ष 2026 से केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता देने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक मांग पूरी नहीं हुई है।
अनियमित कर्मचारियों ने भी सरकार पर लगाए आरोप
प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के संयोजक गोपाल प्रसाद साहू ने कहा कि अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर सरकार से लगातार अपेक्षा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संविदा कर्मचारियों के साथ पूर्व में हुए समझौते का पालन नहीं किया जा रहा है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग में ठेका पद्धति लागू किए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
कर्मचारी नेताओं के मुताबिक वित्त मंत्री, मुख्य सचिव और वित्त सचिव से मुलाकात एवं चर्चा के बावजूद मांगों का समाधान नहीं होने के कारण अब आंदोलन का निर्णय लिया गया है।
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारी संगठनों ने प्रदर्शन के लिए कई प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें—
- अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण।
- निकाले गए कर्मचारियों की बहाली।
- न्यून मानदेय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन दिया जाए।
- अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन किया जाए।
- आउटसोर्सिंग और ठेका पद्धति से नियोजन बंद किया जाए।
- नगरीय निकाय कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।
- स्वास्थ्य विभाग में ठेका पद्धति पूरी तरह बंद की जाए।
- नियमित कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 20 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा लागू की जाए।
- जनवरी 2026 से कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता देने का आदेश जारी किया जाए।
- लंबित 86 माह के महंगाई भत्ता एरियर्स का भुगतान किया जाए।
11 सितंबर को होगा संयुक्त प्रदर्शन
कर्मचारी संगठनों के अनुसार 11 सितंबर को भोजनावकाश के समय इंद्रावती भवन के गेट नंबर-3 के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य कर्मचारी, शिक्षक, पेंशनर, नगरीय निकाय, दैनिक वेतनभोगी, संविदा कर्मचारी सहित विभिन्न विभागों से जुड़े कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी शामिल होंगे। संगठनों का कहना है कि प्रदर्शन के जरिए सरकार का ध्यान पांच सूत्रीय मांगों की ओर आकर्षित किया जाएगा।