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कमरछठ पर्व पर भागवत कथा में शामिल हुए राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास, बोले—माता-पिता की सेवा से सफल होता है जीवन

जांजगीर : कमरछठ पर्व के अवसर पर जांजगीर में धार्मिक आयोजन का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में बस स्टैंड के समीप राठौर परिवार के निवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ में श्री शिवरीनारायण मठ एवं श्री दूधाधारी मठ रायपुर के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज शामिल हुए। उन्होंने व्यास पीठ की पूजा-अर्चना की और कथा का श्रवण किया।

इस अवसर पर श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने कहा कि यह सभी का परम सौभाग्य है कि छत्तीसगढ़ में माताएं अपनी संतानों के कल्याण की कामना को लेकर कमरछठ का पर्व मना रही हैं और इसी पावन अवसर पर श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का रसपान करने का अवसर मिला है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में माता-पिता की सेवा का विशेष महत्व है। जो व्यक्ति श्रद्धा और समर्पण के साथ अपने माता-पिता की सेवा करता है, वह अपने जीवन को सफल बनाता है। अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलना ही मानव जीवन की सच्ची सार्थकता है।

राजेश्री महन्त जी महाराज ने कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं के भाव और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना भगवान की कृपा का प्रतीक है। उन्होंने आचार्य जी को सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि धर्म और संस्कृति का संदेश छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारतवर्ष में इसी तरह पहुंचाया जाता रहे।

राजेश्री महन्त जी महाराज के आगमन पर आचार्य जी ने उनका आभार व्यक्त किया। वहीं आयोजन परिवार के मुखिया अर्जुन लाल राठौर ने कहा कि महाराज जी के आगमन से उनका निवास स्थान पवित्र हो गया और परिवार को उनका आशीर्वाद प्राप्त हुआ।

इस दौरान कथा श्रवण के लिए कमलेश सिंह, प्रमोद सिंह, निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे और सुशील साहू सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे। राठौर परिवार की ओर से श्रीमती मंजू लता अजय सिंह राठौर, श्रीमती सरोजिनी नरेंद्र राठौर सहित परिवार के सदस्य और नाते-रिश्तेदार भी आयोजन में शामिल हुए।


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