रामचण्डी महाविद्यालय में छात्रसंघ शपथ ग्रहण का आयोजन - CG Sandesh

रामचण्डी महाविद्यालय में छात्रसंघ शपथ ग्रहण का आयोजन

सरायपाली. राज्य शासन एवं उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार रामचण्डी महाविद्यालय सरायपाली में मेरिट के आधार पर छात्रसंघ का गठन एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया. प्राचार्य डॉ एन के भोई ने लोकतंत्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को छात्र अपने कर्तव्यों व दायित्वों का निवर्हन कर उचित शैक्षणिक वातावरण निर्मित करने हेतु प्रोत्साहित किया.

प्राचार्य के द्वारा समस्त छात्रसंघ पदाधिकारियो जिसमें अध्यक्ष पद पर कल्पना भोई , उपाध्यक्ष नीकिता भोई , सचिव नवीन सिंह , सहसचिव मोतीलाल जायसवाल तथा विभिन्न कक्षाओं के प्रतिनिधियों को शपथ दिलाया गया.

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अमृत पटेल ब्लॉक कांग्रेस कॉमेटी अध्यक्ष शहर, विशिष्ट अतिथि मनोरंजन भोई ब्लॉक कांग्रेस कॉमेटी अध्यक्ष छुईपाली,  के.एस. प्रधान प्रशासनिक समिति रामचण्डी महाविद्यालय, सुभाष चंद्र साहू संचालक, के.सी. भोई कोषाध्यक्ष, सतीश चंद्र साहू उपाध्यक्ष, सुभाष प्रधान, महेन्द्र बाघ, गोपाल अग्रवाल, आरीफ अली, आर.एस. साहू उपस्थित रहे.

कार्यक्रम का संचालन रविशंकर मांझी ने किया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रदीप बारीक, भरत प्रधान, सुनील पटेल, गोवर्धन यादव, विजय प्रधान एवं विश्वामणी विभार सहित समस्त प्राध्यापकगण व छात्र-छात्राएं मौजूद थे.

आत्महत्या रोकने के लिए कार्यशाला का आयोजन

वहीं एक अन्य कायक्रम के तहत महाविद्यालय में विगत दिनों जिला प्रशासन के पहल पर आत्महत्या के रोकथाम पर कार्यशाला नव जीवन अभियान का आयोजन किया गया. राम गोपाल खुटे मनोचिकित्सक सामाजिक कार्यकर्ता जिला अस्पताल महासमुंद ने आत्महत्या के कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 40 वर्ष की उम्र तक आत्महत्या के मामलों में महिलाओं की संख्या अधिक होती है.

आत्महत्या का कारण तनाव एवं मानसिक असंतुलन है. मानसिक असंतुलन पर समस्याओं को सार्वजनिक करना एवं खेल के माध्यम से तनाव मुक्त वातावरण बनाकर आत्महत्या को रोकने के उपाय बताये. इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण व छात्र-छात्रायें उपस्थित थे.

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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