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राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत शहरी अवासहीन निर्धन व्यक्तियों को पट्टा प्रदाय हेतु प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त, अब 19 नवम्बर 2018 तक के निवासरत् झुग्गीवासियों को मिलेगा पट्टा

सर्वेदल गठित करने के दिये निर्देश


महासमुंद, 09 अक्टूबर 2019/राज्य शासन द्वारा प्रदेश के सभी शहरी आवासहीन निर्धन व्यक्तियों के लिए स्थायी व्यवस्था हेतु पूर्व में लागू की गई राजीव गांधी आश्रय योजना की अवधि बढ़ाकर 19 नवम्बर 2018 निर्धारित किया गया है और इसके लिए निर्देश जारी किये गए हैं। इसी तारतम्य मे कलेक्टर श्री सुनील कुमार जैन ने अनुविभागीय अधिकारियों, सहित नगरीय निकायों के सीएमओ एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को जारी निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। जारी निर्देशों के अनुसार जिले के नगरपालिका निगम, नगरपालिका परिसर एवं नगर पंचायतों में 19 नवम्बर 2018 को निवासरत् झुग्गी वासियों को जिनके पास स्थाई पट्टा नही है उन्हें स्थाई पट्टा प्रदाय किया जाएगा। सामान्यतः इस योजना के अंतर्गत ऐसे व्यक्ति को 450 वर्गफीट तक की भूमि के पट्टे की पात्रता होगी। इसके अलावा 450 वर्गफुट से अधिक भूमि होने की स्थिति में नगर पंचायत क्षेत्र में 1000 वर्गफुट एवं नगरपालिका क्षेत्रों में 800 वर्गफीट का पट्टा प्रदाय किया जाएगा। इसके तहत झुग्गी बस्तियों को इकाई मानकर व्यवस्थापन किया जाएगा, पट्टा सीधे शासकीय अमले के माध्यम से प्रदाय किया जाएगा। झुग्गी वासी किरायेदार के रूप में निवास कर रहा है, तब भी पट्टे की पात्रता उसे ही होगी। पट्टे में बालिग महिला सदस्यों का नाम सम्मिलित होगा।


इस संबंध में जारी निर्देशों के तारतम्य में कलेक्टर ने बताया कि झुग्गीवासियों को यथा-संभव उसी स्थान पर व्यवस्थित किया जाएगा। लेकिन जनहित में झुग्गीयों को अन्यत्र स्थानांतरण किया जाना जरूरी होने की दशा में यह निर्णय संबंधित उच्चस्तरीय समिति द्वारा लिया जाएगा। इसके अलावा अगर भूमिहीन नगरीय क्षेत्रों में सड़क, तालाब, नहर तथा सार्वजनिक उपयोंग की भूमि पर काबिज है तब उसे उस भूमि की पट्टे की पात्रता नही होगी, ऐसे व्यक्तियों को समिति अन्यत्र व्यवस्थापन का निर्णय लेगी। इस योजना के क्रियान्वयन के संबंध में कलेक्टर श्री जैन ने प्राधिकृत अधिकारियांे को नियुक्त किया है। उन्होंने नगरपालिका परिषद एवं नगर पंचायत अंतर्गत पट्टा प्रदाय किए जाने के लिए जिले के राजस्व अनुविभाग में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को उनके कार्यक्षेत्र के नगरपालिका परिषद एवं नगर पंचायत के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है। ये प्राधिकृत अधिकारी प्रारूप-क में एक रजिस्टर तथा अघियोग के आधीन भू-खण्ड को दर्शाने वाली स्थल कार्ययोजना तैयार की जाएगी। ये प्राधिकृत अधिकारी अपने क्षेत्र में स्थित झुग्गी बस्तियों की सूची तैयार करेंगे और यह भी जानकारी देंगे की इसमें से कौन सी बस्तियों का क्षेत्र व्यावसायिक महत्व का है अथवा जनहित के प्रयोजन के लिए आवश्कता होने की स्थिति में वर्तमान झुग्गी बस्ती को अन्यत्र व्यवस्थापित करना जरूरी होगा। इस जानकारी को प्रस्तुत करने के लिए 14 अक्टूबर 2019 तक की तिथि निर्धारित की गयी है। कलेक्टर श्री जैन ने झुग्गी बस्तियों की व्यापक सर्वेक्षण में पर्याप्त संख्या में पर्यवेक्षक दल गठित करने के निर्देश दिए है। इन दलों में दल प्रमुख राजस्व अधिकारी होंगे। सवेक्षण दल में राजस्व अधिकारी के अलावा संबंधित नगरीय निकाय मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के अधिकारियों को शामिल करने कहा है। सवेक्षण की कार्रवाई 30 अक्टूबर 2019 तक पूरा करने के लिए कहा गया है।


इस योजना के संबंध में कलेक्टर श्री जैन ने बताया की सर्वेक्षण के पश्चात सर्वेक्षण दल से प्राप्त रिपोर्ट को सूचीबद्ध कर स्थाई अथवा अस्थाई पट्टा जारी करने के पूर्व प्राधिकृत अधिकारी पात्र व्यक्तियों के नाम, भूमि का विवरण, पट्टा हेतु रकबा विवरण, वार्ड एवं बस्ती का नाम सूचीबद्ध कर सात दिवस के अवधि में दावा-आपत्ति की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। पात्र झुग्गी वासियों को स्थाई एवं अस्थाई पट्टा 25 नवम्बर 2019 तक वितरण करने के निर्देश दिए है।

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