लायसेन्स बनवाने हजारो की संख्या में पहुँचे लोग.
यह तस्वीर किसी मंत्री या जनप्रतिनिधि के कार्यक्रम में बुलाए गए भीड़ नही है. यह भीड़ है महासमुंद जिले के अंतिम छोर में बसे सरायपाली की जहाँ लर्निंग लायसेंस का ऑनलाइन आवेदन लिया जा रहा है.
जिला परिवहन विभाग द्वारा जनपद सरायपाली मनरेगा भवन में ड्रायविंग लायसेन्स के लिए सरायपाली बसना के आस पास क्षेत्र के हजारो लोग आज मनरेगा भवन पहुँचे है. यहाँ कैम्प के माध्यम से सरायपाली के लोक सेवा केंद्र के ऑपरेटरों को जनपद के मनरेगा भवन में बुला कर ऑनलाइन आवेदन लिया जा रहा है. जिसके हजारो लोग लाइन में खड़े होकर कागजात जमा कर ऑनलाइन आवेदन कर रहें है.
हालांकि लोग सवाल तो यह भी उठा रहे है की अगर सिर्फ ऑनलाइन किया जाना है तो बेवहज इतना भारी भीड़ में लाईन लगाना क्या मतलब ? का लोगो को कहना है सिर्फ ऑनलाइन ही किया जाएगा जिसके बाद उओभोक्ता को एक निश्चित तारिख दिया जाएगा और उस समय महासमुन्द पहुंचकर बायोमैट्रिक फिंगर और फोटो लिया जाएगा. और इसकी परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद लर्निंग लायसेंस मिल सकता है.
तो वही लोग सोशल मीडिया में लिख रहे है की सरायपाली जिला बनाने बैठक बुलाओ तो 5 लोग भी नही पहुँचते है. किसी जनप्रतिनिधि के कार्यक्रम में भी इतना भीड़ नही होती है लगता है ये लोग चालान वाला कटने वाला वीडियो ज्यादा बार देख लिए है.
लोग समय और पैसा बचाने की उम्मीद से आज सरायपाली पहुंचे लेकिन हजारो की तादात में भीड़ को देख कई लोगो ने वहां से निकलना ही ठीक समझा. बताया जा रहा है की कैप्म लगने से लोगो की परेशानी दूर नही होगी जिला मुख्यालय जाना ही पड़ेगा.
इस बात को सुनकर कई लोगों के मन में जो आसा था की 120 किलो मीटर दूर नही जाना पड़ेगा अब उनको बहुत दुःख महसूस भी हो रहा है. लोगो में जागरूकता तो है लेकिन परिवहन विभाग इन हजारो लोगो के लायसेंस बनवाए जाने की प्रक्रिया को सरल नही कर पाया है.
सरायपाली और बसना के लोगो को फायदा तभी होता अगर आवश्यक कागजात और फिंगर बायोमैट्रिक फोटो लेकर टेस्ट लेकर लर्निंग लायसेन्स सरायपाली में दिया जाता.