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65 पुस्तक लिखने वाले शास्त्रो के ज्ञाता कुशामिसरार के वासुदेव को वैष्णव को राज्यपाल ने किया सम्मानित

पिछले दिनों वाराणसी के नरिया स्थित रामनाथ चौधरी शोध संस्थान में तीन दिवसीय वैदिक धर्म महासम्मेलन शुरू हुआ। महर्षि दयानंद के काशी शास्त्रार्थ की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के इस आयोजन का उद्घाटन गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया। राज्यपाल ने कहा है कि अंधविश्वास से दूर रहने के लिए युवा पीढ़ी को धर्म और संस्कारों का ज्ञान होना आवश्यक है। राज्यपाल ने शिक्षा के क्षेत्र में फिर से गुरुकुल की परम्परा स्थापित करने पर जोर दिया ताकि भारतीय संस्कृति का पोषण हो और वेदों में समाहित विज्ञान जनसाधारण तक पहुंच सके।

राज्यपाल ने पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रकृति से जुड़ने की सलाह दी। सिक्किम के राज्यपाल गंगाप्रसाद चौरसिया ने कहा कि काशी शिक्षा की नगरी है। इसलिए यहीं से अंधविश्वास को दूर करने का प्रयास शुरू होना चाहिए। अध्यक्षता कर रहे एमडीएच समूह के चेयरमैन पद्मभूषण धर्मपाल गुलाटी ने धर्म की रक्षा करने के साथ ही भारतीय परम्परा को पोषित करने पर जोर दिया। सार्वदेशिक सभा के उपमंत्री विनय आर्य ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने काशी से राष्ट्र के नैतिक मूल्यों की रक्षा तथा विभाजनकारी शक्तियों से एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया। महापौर मृदला जायसवाल ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने नारी शिक्षा के द्वार खोले। आगतों का स्वागत सुरेश चन्द्र आर्य तथा संचालन विनय आर्य ने किया। इस अवसर पर सुरेश चन्द्र आर्य, कृष्णा आर्य, संन्यासी गण एवं उत्तर प्रदेश आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान स्वामी धर्मेश्वरानन्द आदि मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ महासमुन्द सरायपाली क्षेत्र कुशामिसरार गाँव के शास्त्रो के ज्ञाता वासुदेव दास वैष्णव को गुजरात के राज्यपाल द्वारा काशी में प्रस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. यह सम्मान वैदिक शास्त्रो के ज्ञाता और और धार्मिक और वैदिक किताब के रचना या चारो वेदों के ज्ञाताओ को प्रदान किया जाता है.

वासुदेव वैष्णव का जन्म सरायपाली क्षेत्र के ग्राम कुशामिसरार में 23 मई 1952 को हुवा इनका प्रायमरी स्कूल का शिक्षा गुरुकुल होसंगाबाद में हुवा 12 वी तक की शिक्षा गुरुकुल हरियाणा में हुवा कालेज तक सभी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया इन्होंने 65 पुस्तके भी लिखे.

इन्हें कई बार सम्मानित किया का चुका है दिल्ली में दिसम्बर 2017 में विश्व वेद सम्मेलन में भी सम्मनित किया गया भद्रक में श्रावणी उपाकर्म में एवं वेद स्वधायाय में भी सम्मानित किए गए है 10 मार्च 2019 में राष्ट्रिय वेद सम्मेलन में सम्मानित किया गया 19 सितम्बर को ठाकुर विक्रम सिंह ट्रस्ट नई दिल्ली में सम्मान किया गया.

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