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13 समितियों के 2366 किसानों ने करवाया पंजीयन, किसानों की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी लेकिन रकबे में कटौती

सरायपाली. जिला सहकारी बैंक से कर्ज लेने वाले किसानों का कर्ज माफ होने के बाद धान बेचने वाले किसानों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है. जो किसान डिफाल्टर थे और कर्जा पटाने के डर से धान नहीं बेच रहे थे, उन्हें भी राहत मिली है. अब वे धान बेच सकेंगे. वहीं धान के समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी होने से इस वर्ष सरायपाली एवं तोरेसिंहा बैंक के अंतर्गत 2366 नये किसानों ने पंजीयन करवाया है.

जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा सरायपाली के अंतर्गत विगत वर्ष 12362 किसानों का 25365.02 रकबा पंजीकृत था. जो इस वर्ष संशोधित होकर 13320 किसानों का 24543.39 रकबा पंजीकृत हुआ है. विगत वर्ष की तुलना में किसानों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है तो वहीं रकबा घटा है.

जबकि 1327 नए किसानों ने पंजीयन करवाया है. इसी तरह तोरेसिंहा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक का विगत वर्ष 7160 किसानों का 15559.97 रकबा पंजीकृत था. जबकि इस वर्ष 8113 किसानों का 15481.39 रकबा पंजीकृत हुआ है.

यहां भी विगत वर्ष की अपेक्षा किसानों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है और रकबा में कटौती हुई है. जबकि 1039 नए किसानों ने पंजीयन करवाया है. विगत 15 अगस्त से नवीन किसानों के लिए धान पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जिसका आज अंतिम दिवस था.

ऑनलाइन से प्राप्त रिकार्ड के आधार पर आज की स्थिति में दोनों बैंक में 2366 किसानों ने पंजीकरण करवाया है. विगत वर्ष 1 नवम्बर से धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, लेकिन इस वर्ष 15 नवम्बर से धान खरीदी की जाएगी. 2500 रूपए में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी होने के कारण इस वर्ष किसानों में खेती के प्रति रूचि बढ़ी है और ज्यादा किसान धान की फसल लिए हैं.

पूर्व में किसानी को छोड़ नौकरी की ओर नवयुवक अधिक रूचि लेते थे, लेकिन समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी होने से अब वे खेती की ओर विशेष ध्यान देने लगे हैं. कर्जा पटाने के डर से धान नहीं बेचने वाले डिफाल्टरों में भी कर्ज माफ होने के बाद खुशी की लहर है और वे भी अब पंजीकरण करवाकर धान बेचने की तैयारी में जुट गए हैं. छोटे किस्म के धान की कटाई शुरू हो गई है.

वहीं धान काटने वाले मशीनों की भी रिपेयरिंग जोरों से चल रही है. हालांकि कुछ किसानों में प्रति एकड़ धान खरीदी को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है.

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