5 माह से नहीं मिला है पेंशन, मंडराने लगा रोजी रोटी का संकट, पेंशन राशि लेने किराए की गाड़ी लेकर पहुंचते हैं दिव्यांग सदानंद
सरायपाली. ग्राम भोथलडीह के वृद्धावस्था, दिव्यांग, विधवा पेंशनधारियों को विगत 5 माह से पेंशन नहीं मिलने के कारण उन्हें अत्यधिक आर्थिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है. इनमें से कुछ हितग्राही तो ऐसे हैं जो पूरी तरह से पेंशन पर ही आश्रित रहते हैं.
भोथलडीह निवासी सदानंद भोई एवं उनकी पत्नी रमीला भोई ने नवभारत को अपनी समस्याएं बताते हुए कहा कि पूर्व में सचिव के माध्यम से पेंशन राशि मिल जाती थी, लेकिन अब पेंशन के लिए सरायपाली बैंक आना पड़ रहा है. सदानंद ने बताया कि वे लकवा ग्रस्त हैं और बिना सहारे के चलने फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं. ऐसी स्थिति में पेंशन लेने के लिए गाड़ी किराया करके उन्हें सरायपाली शहर के बैंक में आना पड़ता है. पति पत्नी दोनो को पेंशन मिलता है, जिसमें से एक का पेंशन गाड़ी किराया में ही चला जाता है. इस पर भी यदि 4-5 माह तक पेंशन ही न मिले तो वे किस तरह से गुजारा करते होंगे यह भी सोचनीय है.
इस तरह की समस्या केवल भोथलडीह की ही नहीं है. इसके अलावा भी कई गांव हैं जहां के पेंशनधारियों को कई महीनों से पेंशन नहीं मिला है. उन सभी हितग्राहियों के सामने रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है. हितग्राहियों के द्वारा भी शासन प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देते हुए पेंशन राशि अतिशीघ्र प्रदाय किए जाने की मांग की गई है.