मजदूरों से नहीं बल्कि जेसीबी से करवाया गया मनरेगा का कार्य ! ग्रामीणों ने की कलेक्टर से शिकायत, जाँच में पहुँचा अंकेक्षण दल.
सरायपाली. ग्राम जलपुर के दर्जनों लोगों ने कलेक्टर महासमुंद से शिकायत की है कि उनके गाँव में मनरेगा के तहत क रवाये गए कार्य कुआँ, निजी डबरी एवं शासकीय डबरी निर्माण में जेसीबी मशीन से कार्य करवाया गया है एवं राशि का दुरूपयोग कर अनियमितता बरती गई है.
ग्राम जलपुर के विद्याधर चैधरी, बंशीधर, दमन नायक, देवधर, लक्ष्मीप्रसाद, साहनी दास, गनपत दास, शिवनाथ सहित लगभग 100 ग्रामीणों ने लिखित आवेदन में उल्लेख किया है कि ग्राम पंचायत जलपुर के किसान डिग्रीलाल पिता रामकृष्ण ,नान्हूराम पिता चिन्तामणी , लोचन पिता सधाऊ के नाम पर डबरी निर्माण शासन के द्वारा स्वीकृत किया गया था, जिसमें मनरेगा के तहत गहरीकरण का कार्य करवाया जाना था, लेकिन उक्त लोगों द्वारा यह कार्य मजदूरों से न करवाकर जेसीबी से करवाया गया है. जिसमें फर्जी मस्टररोल बनाकर शासकीय राशि का दुरूपयोग किया गया है. वहीं उन्होंने आगे लिखा है कि खरीफ सीजन 2019 में डिग्रीलाल के द्वारा उक्त डबरी में धान लगाया गया है, जिसे कागज में डबरी बना दिया है.
वहीं कुआँ के लिए स्वीकृत हितग्राही अभिकृष्ण पिता भंवरसिंह के द्वारा पुराना कुआँ को दिखाकर शासकीय राशि का गबन किया गया है और उनके नया कुआँ खुदवाया ही नहीं गया है. डिग्रीलाल के पुत्र महेश नायक वर्तमान में जनपद पंचायत सरायपाली में बीएफटी के पद पर पदस्थ हैं, जिसके कारण हितग्राही द्वारा जेसीबी से कार्य करवाकर मजदूरों का नाम फर्जी रूप से मस्टररोल में भरा जाता है. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर द्वारा सामाजिक अंकेक्षण दल को विगत दिनों भेजा गया था, जिसमें डिग्रीलाल के डबरी निर्माण में 2 लाख 99 हजार की स्वीकृति में 2 लाख 78 हजार का व्यय दिखाया गया है.
अंकेक्षण दल ने स्पष्टीकरण दिया है कि डबरी निर्माण हुआ है, लेकिन वहाँ धान फसल लगाया गया है. रोजगार सहायक के द्वारा मनरेगा से कार्य करने की बात कही गई है. लोचन के डबरी निर्माण के लिए 1 लाख 66 हजार की स्वीकृति में 1 लाख 50 हजार का कार्य दिखाया गया है.
अभिकृष्ण के कुआँ निर्माण मामले में अंकेक्षण दल ने शिकायत को सही पाया. जबकि नान्हूराम के डबरी निर्माण कार्य, झंझा बाई पति लखपति के कुआँ निर्माण का कार्य ,नया तालाब गहरीकरण के कार्य, एवं उड़िया तालाब गहरीकरण पचरी निर्माण के कार्य को अंकेक्षण दल ने सही बताया.