जननायक ई-पुस्तक का विमोचन, लगभग सभी राज्यों के कवियों की कवि... - CG Sandesh

जननायक ई-पुस्तक का विमोचन, लगभग सभी राज्यों के कवियों की कविताओं का संकलित संग्रह है! जननायक।

अखिल भारतीय काव्य संसद् के तत्वाधान में भारत के सभी राज्यों से एक-एक कवियों की चयनित रचनाओं की साझा ई-संकलन "जननायक" 14 नवंबर को विमोचित की गई । इस ई-पुस्तक का विमोचन शा.मा.स.गो.प्रा.व उ.प्रा.शाला सरायपाली में प्रधान पाठक द्वय श्री उजल सिंह सिदार व राधेश्याम बरिहा के साथ बसंत साहू डी.एल.नायक,संगीता पण्डा,पार्वती पटेल,शेख परवीन,मलय बसंत साहू,देवमोती चौहान के कर-कमलों से विमोचन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अ.भा.काव्य संसद के पी.आर.ओ. सुन्दर लाल डडसेना"मधुर" (संपादक पश्चिमी जोन) ने बताया कि जननायक ई-प्रलेख में भारतवर्ष के सभी राज्यों से कवियों की एक-एक उत्कृष्ट रचना का चयन कर प्रकाशन किया गया है ।

यह ई-बुक देश की संस्कृति व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को सादर समर्पित है। इस पुस्तक में हर राज्य की अपनी संस्कृति को दर्शाती भाषा या बोली में लिखी रचनाओं को स्थान दिया गया है। इस पुस्तक में गुजरात से असम और जम्मू-कश्मीर से तमिलनाडू तक के रचनाकारों की रचनाएं हैं।

श्री सुन्दर लाल डडसेना मधुर ने बताया कि इस पुस्तक का प्रकाशन काव्य पोस्ट२३ वेबपेज पर होगा।अखिल भारतीय काव्य संसद् साहित्य समूह के पदाधिकारी अध्यक्ष श्री पुखराज यादव प्राज(संपादक दक्षिण जोन) , महेश राजा, कन्हैया साहू(संपादक पूर्वी जोन) अमित,प्रवीण चतुर्वेदी, संतोष गुप्ता, माधवी गणवीर व सुंदरलाल डडसेना (संपादक पश्चिमी जोन) , रश्मि अग्निहोत्री, विश्वनाथ बस्तर, ओमप्रकाश फुलारा, गिरिजा पांडे एवं सदस्यों का इस पुस्तक के सृजन में अमूल्य योगदान रहा।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें