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अवैध धान पर रोक लगाने पाँच स्थानों पर बनी जाँच चैकी, अवैध धान पर कार्यवाही की हो गई है शुरूवात

सरायपाली. विगत वर्ष 15 नवंबर से धान खरीदी की शुरूवात हुई थी. प्रत्येक वर्ष धान खरीदी के लगभग माह भर पूर्व से ही सीमावर्ती राज्य ओडिशा का अवैध धान छत्तीसगढ़ में अधिक दामों में खपाने का.. सिलसिला शुरू हो जाता था.

विगत वर्ष तो एसडीएम द्वारा अवैध रूप से धान परिवहन करने वालों के खिलाफ कई बड़ी कार्यवाही भी की गई थी. इस वर्ष भी धान खरीदी के 15 दिन पूर्व मण्डी द्वारा अवैध रूप से परिवहन करते हुए 100 पैकेट धान पकड़ा गया था.

दो दिन पूर्व ही कलेक्टर महासमुंद के द्वारा ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध धान पर रोक लगाने के लिए जिले में 17 स्थानों पर जाँच चैकी बनाई गई है,,, जिसमें सरायपाली में ही 5 स्थानों पर जाँच चैकी बनी है. सबसे अधिक सरायपाली और बसना क्षेत्र में ही ओडिशा का धान अवैध रूप से खपाया जाता है और अधिक कार्यवाही भी इन्हीं विकासखण्डों में होती है. सरायपाली में बंजारी नाका, सिरपुर , पझरापाली, जगलबेड़ा, छिबर्रा घाटकछार में जाँच चैकी स्थापित की गई है.

जिसमें कृषि उपज मण्डी के द्वारा अवैध रूप से परिवहन करते पाये जाने पर मण्डी अधिनियम के तहत धान एवं वाहन जब्त की कार्यवाही’ के भी निर्देश दिए गए हैं. इन र्जाँच चैकियों में मण्डी, पंचायत, नगर सैनिक एवं वन विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है, जो धान खरीदी के समाप्ति होने तक छत्तीसगढ़ से ओडिशा जाने वाले प्रत्येक वाहनों पर नजर रखेंगे.

वहीं अवैध धान को रोकने उड़नदस्ता की टीम भी गठित की गई है, जिसमें राजस्व, खाद्य, मण्डी व सहकारिता “विभाग के अधिकारी होंगे. उड़नदस्ता की टीम को दिन रात भ्रमण कर धान के अवैध परिवहन की जाँच करने एवं इन समस्त कार्यवाही में ‘जाँच चैकी क्षेत्र के थाना प्रभारियों को भी सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं.

अवैध परिवहन व संग्रहण पर रोकथाम के लिए कार्यरत उड़नदस्ता एवं जाँच चैकी के कर्मचारियों को ओडिशा से आने वाले प्रत्येक वाहनों’ पर निगरानी रखने के लिए भी निर्देशित किया गया है.  सबसे अधिक सिरपुर क्षेत्र से ही अवैध धान का परिवहन होता है और सबसे अधिक कार्यवाही भी इसी क्षेत्र में दिखाई देती है.

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