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कांकेर : राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों की कलेक्टर ने ली बैठक

जिले के सभी पात्र किसानों एवं वन अधिकार पट्टाधारी सभी किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए कलेक्टर केएल चौहान ने राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि किसानों के क्रेडिट कार्ड बनाने के लिए सोमवार से वृहद अभियान चलाया जाये, केसीसी बनाने हेतु पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की टीम गठित कर ग्रामवार ड्यूटी लगाई जाये। केसीसी बनाने के लिए वन अधिकार पट्टाधारी किसानों को बैंक पासबुक की फोटो कापी, मतदाता परिचय पत्र की छायाप्रति, दो पासपोर्ट साईज फोटो और वन अधिकार पट्टा की छायाप्रति के साथ केसीसी के लिए आवेदन करने हेतु कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराने के निर्देश भी कलेक्टर द्वारा दिये गये हैं। समीक्षा के दौरान बताया गया कि कांकेर जिले में 23 हजार 819 वन अधिकार पट्टाधारी किसान हैं, जिनमें से 16,492 लोगों का प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए पंजीयन किया जा चूका है।

समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर श्री चौहान ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अतिक्रमित भूमि के भू-स्वामी से भू-भाटक राशि वसूली की जाये एवं ई-कोर्ट के सभी प्रकरणों को ऑनलाईन दर्ज कराते हुए निराकरण समय सीमा में किया जावे। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अविवादित नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों का निराकरण ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सीमांकन, अतिक्रमण के प्रकरण, बंदोबस्त त्रुटि सुधार, राजस्व वसूली, व्यपवर्तन हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों का निराकरण, आबादी नजूल पट्टा, नजूल पट्टा का नवीनीकरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, भूंईया साप्टवेयर में अभिलेख शुद्धता, ऑनलाईन नामांकन, पंजीयन और भू-अर्जन मुआवजा वितरण की विस्तृत समीक्षा किया।

कलेक्टर श्री चौहान ने परिवर्तन भूमि डायर्वसन कर की वसूली शतप्रतिशित करने के लिए राजस्व अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी और स्कूलों में सुपोषण अभियान के तहत किचन गार्डन तैयार कराने तथा उनके सतत निरीक्षण किया जावे। राजस्व अधिकारियों को जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी, वरिष्ठ कृषि एवं उद्यानिकी, स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं पटवारियों के साथ टीम बनाकर सप्ताह में कम से कम तीन बार भ्रमण करने के निर्देशित दिए। गौठान गांवों में हल्का पटवारी को किसानों के खसरा, बी-1, जाति, निवास प्रमाण पत्र बनाने के प्रकरण भी गौठान में तैयार करने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों से कहा कि सभी गौठानों में किसानों को पैरादान के लिए प्रेरित किया जावे। समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री चौहान ने राजस्व अधिकारियों से कहा कि एक मार्च से जिले के सभी नगरीय निकायों को पानी टैंकर मुक्त बनाना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने श्री चौहान स्थानी बोली में पढ़ाई के लिए प्राथमिक विद्यालय का चिन्हांकन करने के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि प्राथमिक स्कूलों में स्थानीय बोली में बच्चों को पढ़ाने के लिए पुस्तक तैयार की जा रही है। बैठक में अपर कलेक्टर एमआर चेलक एवं सीएल मार्कण्डेय, एसडीएम भानुप्रतापपुर प्रेमलता मण्डावी, एसडीएम पखांजूर निशा नेताम, एसडीएम अंतागढ़ सीएल ओंटी सहित सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित थे।


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