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समाज के दुश्मनों पर जारी है पुलिस की कार्यवाही.

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब पुरे देश में कर्फ्यू लगाया जा चूका है. इसके पहले देश के कई हिस्सों में कर्फ्यू लगाया जा चूका था, जिसमे छत्तीसगढ़ भी शामिल था. इस संक्रमण से बचने लगातार जिला प्रशासन से लेकर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने लोगों से घरों में रहने की अपील की थी. लेकिन कुछ समाज के लोग इतने स्वार्थी है कि इस महामारी के दौरान भी अपना स्वार्थ पूरा कर रहे है. इन लोगों को ना केवल समाज का दुश्मन बल्कि देश का दुश्मन भी कहा जा सकता है. 

इनमे से कुछ ऐसे भी है जो समाज के जिम्मेदार है, दिन भर सोशल मिडिया में लोगों से घरों में रहने को बोलते है, और खुद ही थोड़ी देर में अपने ग्रुप के साथ बहार निकल जाते है. ऐसे लोगों को देखकर समाज क्या सीखेगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है.

“मैं घर पर नहीं रहूँगा, बेवजह बहार घुमुंगा, मैं समाज का दुश्मन हूँ” ऐसे पोस्टर लोगों को ना केवल कल पिथौरा पुलिस ने बल्कि बसना पुलिस ने भी बेवजह घुमने वालों के साथ ऐसा किया.

हलाकि ऐसा करते समय पुलिस का सामना कुछ लोगों के साथ भी हो जाता है, जो केवल लात खाकर ही समझ सकते है, मजबूरन पुलिस को लाठी डंडे से प्रहार करना पड़ता है. जानकारी के अनुसार बसना पुलिस ने कल जब ऐसे ही किसी एक व्यक्ति को बेवजह घुमने से मन किया तो उसने पुलिस पर अपना धौंस दिखाना शुरू कर दिया. जिसके बाद बीच चौराहे में उसे मार खानी पड़ी..


ऐसे वक्त में जहाँ किसी की मौत होने पर भी मात्र 20 लोगों को एकत्रित होने को कहा गया है, कुछ ऐसे भी है जो नियम से परे दुकान खोल रखें है. जिसमे 23 मार्च को सरायपाली पुलिस ने कार्यवाही की उसके बाद भी कुछ समाज के दुश्मन सुधरे नहीं और सांकरा पुलिस को एक और कार्यवाही करनी पड़ी.


जानकारी के अनुसार कल सांकरा पुलिस को निरीक्षण तथा प्रचार के दौरान ग्राम सलडीह में कृष्णा कपड़ा दुकान एवं जीन्स कॉर्नर,  दुकान संचालक भुवनेश्वर साव पिता प्रह्लाद साव, 25 वर्ष का दुकान खुला हुआ पाया गया, जबकि लगातार क्षेत्र में अनिवार्य सेवा की दुकानों को ही खोले जाने के सम्बंध में प्रचार/मुनादी की जा रही थी.  जिसके बाद आरोपी भुवनेश्वर साव द्वारा   शासनदेश का उल्लंघन तथा संक्रामक बीमारी के फैलाव को रोकने उपेक्षापूर्ण कार्य करते हुए पाए जाने पर धारा 188, 269 भा द वि के तहत अपराध पंजीबध किया गया है.


इस नियम के तहत आरोपी को 6 माह तक की कारावास हो सकती है.