कलेक्टर के आदेश के बाद नगर पंचायत ने नहीं कराई मुनादी तो नहीं खुली मरम्मत की दुकानें, बढ़ सकती है परेशानी.
कल जिला कलेक्टर महासमुंद द्वारा किसानों की सुविधा को देखते हुए कृषि मशीनरी की बिक्री इससे संबंधित स्पे्रयर एवं मरम्मत की दुकानें लॉकडाउन से मुक्त होने के लिए आदेश किया था. जिसमे कहा गया कि ये दुकाने लॉकडाउन के दौरान भी अपने निर्धारित समय तक खुले रहेगें.
इसी तरह राज्यमार्गो पर पेट्रोल पंपों या उसके आस-पास स्थित ट्रकों के मरम्मत हेतु संचालित दुकानें भी खुली रहने की बात कही गई थी. इस आदेश के बाद किसानों को थोड़ी राहत मिली लेकिन पंचायत बसना द्वारा किसी भी प्रकार की मुनादी नहीं कराई गई जिसके चलते इससे सम्बंधित दुकाने नहीं खुली और किसानो को वापस निराश होना पड़ा.
गौरतलब है कि पुरे देशभर में लॉकडाउन होने के कारण यह सभी दुकाने भी बंद थी, लेकिन इन दुकानों के बंद हो जाने से किसानों के अलावा उन लोगों को परेशानी होने लगी तो ट्रांसपोर्ट से सम्बंधित कार्य करते है, ट्रांसपोर्ट से सम्बंधित मरम्मत की दुकानें बंद हो जाने से इनको काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बिना मुनादी के कोई काम करने को तैयार नहीं है.
आपको बता दें कि लॉकडाउन के बावजूद प्रशासन राशन अथवा अन्य सामग्री को एक स्थान से दुसरे स्थान तक पहुंचा रही है. जिसके लिए ट्रांसपोर्ट के माध्यम के लिए ट्रक की आवश्यकता होती है, वर्त्तमान में धान खरीदी केंद्र से धान ले जाने का भी कार्य किया जा रहा है. ऐसे में एक-एक करके क्षेत्र में ट्रक ख़राब होने लगे है, जिसकी वजह से सामन को एक जगह से दुसरे जगह पहुचंने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
इसके अलावा किसानो के फसलें भी अब लगभग कटने को तैयार हो चुके है, ऐसे समय में अगर उनके कृषि सम्बंधित जैसे ट्रेक्टर, हार्वेस्टर बंद हो गए तो उन्हें भी काफी नुक्सान उठाना पड़ सकता है.