भीषण आर्थिक समस्या से जुझ रहें हैं पेंशन हितग्राही,विगत 5 माह से नहीं मिला पेंशन, पंचायत विभाग की निष्क्रियता
बसना. कोरोना वायरस संक्रमण से विगत 22मार्च से दुकानें बंद है। पुरे देश को लाकडाऊन किया गया है। ऐसे समय में बसना अंचल के जो पेंशन के भरोसे ही जीवन यापन करते हैं, उनके सामने में रोजी- रोटी की समस्या खड़ी हो रही है।बसना अंचल के अनेक गांव में विगत 5 माह से हितग्राहियों के खाते में पैसे जमा नहीं हुआ है। राशि के अभाव में हितग्राही राशन एवं अन्य जीवन उपयोगी सामग्रियों के लिए तरस जा रहे हैं।
जिसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृध्दा पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन, सामाजिक सुरक्षा, सुखद सहारा मुख्यमंत्री पेंशन आदि के पेंशनधारी शामिल हैं। बसना जनपद पंचायत से आधा कि. मी. दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत बंसुला में पेन्शनधारियों को विगत नवम्बर 2019 से आज तक पांच माह का पेन्शन नहीं मिला है। जिससे विधवा,वृद्धा, विकलांग हितग्राहियों का काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हितग्राहियों को हर सप्ताह पंचायत के सरपंच एवं सचिव के पास चक्कर काटने पड रहे हैं। बंसुला के पेंशनधारियों को पिछले माह अक्टूबर 2019 का एक माह का पेंशन राशि अभी 4-5 अप्रैल को दिया गया है। जब कि विगत पांच माह का पेंशन राशि हितग्राहियों को प्रदान किया जाना अभी बाकी है।
इसी तरह जनपद पंचायत बसना के अंतर्गत वनांचल ग्राम पसेरलेवा के पेंशनधारियों को भी विगत 4 माह से पेंशन राशि वितरण नहीं किया गया है जिससे वृद्धावस्था विधवा विकलांग पेंशन भाइयों को गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पसेरलेवा के पेंशन हितग्राही फूलसिंह पिता रामदयाल, हरिराम पिता साधु राम, श्रीमती ग्रहणमोती पति कलपराम, केसरमोती पति कन्हैया, कारामोती पति जगतु ने बताया कि विगत 4 माह से पेंशन की राशि प्राप्त है। जिसके कारण हमें गंभीर आर्थिक समस्याओं से गुजरना पड़ रहा है।
शासकीय राशन दुकान
से चावल, नमक ,शक्कर तो मिल जाता है। किंतु अन्य सामग्री तेल, दाल, आलू,
प्याज सहित अन्य सामग्री को तो खरीदी करना पडता है। चार – चार माह से पेंशन
की राशि नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक समस्या बढती जा रही है।
समीपस्थ ग्राम गढफुलझर के पेंशनधारियों को भी विगत तीन माह से पेंशनधारियों
को पैंशन की राशि अप्राप्त है।हितग्राहियों को पेंशन के लिए भटकना पड रहा
है। इसी तरह बसना अंचल के अनेक गांव में पेंशनधारियों को पेंशन की राशि
अप्राप्त है।
पंचायत में नया कार्यकाल के कारण कुछ हितग्राहियों का
खाता नहीं खुले होने से उनको राशि नगद में दिया जाता था। सभी हितग्राहियों
की मांग है कि सरकार शीघ्र ही उनके खाते में राशि जमा कर दे। जिससे कि
उन्हें आर्थिक समस्या से निजात मिल सके। अब देखना होगा कि आने वाले समय में
प्रशासन ग्रामीण अँचल के पेंशन धारियों के लिए क्या कदम उठा रही है।