बसना में सब्जीवालों पर कहर बरपाया तहसीलदार एवं नायब सीलदार ने ।
इन दिनों लॉक डाउन का दौर चल रहा है। जनता की सहूलियत के लिए सब्जी की दुकानों को 12:00 बजे तक लगाने का प्रशासन ने नियम रखा है। जिस का सख्ती से पालन करने के लिए नगर पंचायत बसना एवं राजस्व विभाग ने बीड़ा उठा रखा है । इसी तारतम्य में आज दोपहर 12:00 बज के 10 मिनट में कन्या शाला के सामने सब्जी दुकान समेट रहे प्रेम सहाय एवं उनके कर्मचारियों पर नायब तहसीलदार ने लाठी से खूब पिटाई करदी। इसी तरह सब्जी की दुकान समेत रहे संजय यादव (नया बस स्टैंड के पास) को तहसीलदार मैडम ने जमकर पिटाई की एवं नगर पंचायत बसना ने 5000 रुपये का फाईन भी काटा।
आश्चर्य
का विषय है की तहसीलदार और नायब तहसीलदार जैसे न्यायालयीन पदों पर पदासीन लोग भी
निरीह प्राणियों पर डंडा बरसा रहे हैं। शायद उन्हें खुद को न्याय पर भरोसा नहीं
रहा। इसलिए लाठी-डंडों से न्याय कर रहे हैं। यदि कलेक्टर के आदेश (धारा 144) का उल्लंघन
हो रहा था तो जुर्माना करना था। या धारा 188
में मामला कायम करना था,डंडो से मारने की क्या ज़रूरत थी।ये
सब्जी विक्रेता जिन में प्रेम साय सब्जी का थोक विक्रेता है एवं संजय यादव जो लॉक
डाउन से पूर्व सुबह-सुबह चाय का दुकान पुराने बस स्टैंड चौक में चलाया करता था।
ये दोनों व्यक्ति बसना नगर के संभ्रांत व्यक्ति है एवं सभी के चहेते भी है। अतः तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के इस रवैया से पूरे बसना में बवाल मचा हुआ है सभी जनप्रतिनिधियों ने इस कृत्य की निंदा की है एवं उच्च अधिकारियों को इससे अवगत कराने हेतु पहल की है हमें यहां यह बताना बहुत जरूरी है कि जितने भी सब्जी विक्रेता है वे सब 1 दिन छोड़कर के एक एक दो दो बोरी सब्जी नगर पंचायत बसना को दान करते हैं ।क्या इस तरह के दान करने वाले दानदाताओं को ऐसा इनाम दिया जाता है। बसना नगर एवं आसपास के क्षेत्र में इस घटना की निंदा हो रही है।
देखने वाली बात यह है इन दोनों नीरीह प्राणियों को क्या न्याय मिलता है। या सब्जी वालों के कथनानुसार कल वे सब्जी की दुकान नहीं लगाएंगे एवं बसना चौक में अपने सब्जियों को ढेर कर देंगे।
पीड़ित ने क्लेक्टर महासमुंद, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़, SDM सरायपाली से न्याय की मांग कर
तहसीलदार दिवान और तहसीलदार ललिता भगत के ऊपर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.
साभार ब्रेकिंग ADN न्यूज़