तहसीलदार के खिलाफ एकजुट हुए सब्जी विक्रेता, नहीं लगाई दूकान, बिना सब्जी लिए के वापस लौटे लोग, शाम को हो सकती है इस मामले में बैठक.
बसना नगर में कल तहसीलदार और नायब तहसीलदार द्वारा सब्जी विक्रेता की डंडे से पिटाई होने के बाद आज बसना नगर में एक भी सब्जी वालों ने अपनी दूकान नहीं खोली, सभी ने एकजुट होकर हड़ताल किया जिससे नगर के लोगों को सब्जी नहीं मिली और बिना सब्जी के आज कई लोगों के घरों में खाना बना.
जानकारी के अनुसार कल इस मामले को कल बसना जनपद में मीटिंग भी रखी गई थी, जिसमे जनप्रतिनिधि सहित सब्जी विक्रेता प्रेमसाय पटेल भी शामिल हुए थे. मामले को सरायपाली एस.डी.एम ने शांत करने भरपूर प्रयास किया. और कार्यवाही करने का आश्वाशन दिया, यहाँ तक की तहसीलदार द्वारा माफी भी मांगी गई. लेकिन प्रेमसाय पटेल के आत्मसम्मान को ठेस पहुँचने के बाद उन्होंने किसी की भी नहीं सुनी और जब तक किसी तरह की कार्यवाही नही होतो सब्जी दूकान बंद रखने की बाद कही.
इसके बाद आज सुबह इसके विरोध में सभी सब्जी विक्रेता अब तक इस बात पर अड़े रहे और किसी ने भी सब्जी दूकान नहीं खोली. मामले में प्रेमसाय पटेल को बसना व्यापारी संघ का भरपूर साथ भी मिला और उनके साथ हर कदम पर खड़े रहने की बात की.
आपको बता दें कि प्रेमसाय पटेल मारपीट के मामले में बसना तहसीलदार ललिता भगत और नायब तहसीलदार राम मूर्ति दीवान के खिलाफ एफ.आई.आर दर्ज हो इसके लिए एक शिकायत पत्र भी बना चुके है. वहीं आज शाम एक बार फिर इस मामले में प्रशासनिक अधिकारीयों की बैठक रखी गई है. जिसके बाद प्रार्थी को किस तरह से न्याय मिलेगा या फिर मामला किस तरफ मोड़ लेगा यह देखने वाली बात होगी. हालाकि प्रेमसाय पटेल ने सरायपाली एस.डी.एम के किये गए प्रयासों की प्रशंसा की है. लेकिन पूरी तरह से न्याय ना मिल पाने के कारण उनका मन अब भी संतोषजनक नहीं है. इसके साथ ही यह मामला अब राजनैतिक भी हो चूका है.
गौरतलब है कि बसना तहसीलदार ललिता भगत की शिकायत पहले भी बार-बार आती रही है. यहाँ यह भी जानना जरुरी हो जाता है कि इसके पहले ललिता भगत को सरायपाली में पदस्थ थी, जिनके कार्यप्रणाली से सरायपाली विधायक किस्मतलाल नन्द नाराज थे और उन्होंने कलेक्टर को तत्काल पत्र लिखकर उन्हें अन्य कहीं भजे जाने की बात की थी. जिसके बाद कलेक्टर के आदेश से ललिता भगत बसना तहसीलदार के रूप में पदस्थ हो गई.
वहीं तहसीलदार ललिता भगत की एक और लापरवाही सामने आई है. जिसमे सीमेंट, छड विक्रेताओं को भी गाईडलाईन दी गई थी, उसी अनुसार बंसुला स्थित सांवर अग्रवाल द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही सुबह दस बजे सीमेंट लोड करा रहा था, और वही समय वहाँ बसना तहसीलदार मैडम वहां पहुंच कर ब्यापारी से हडका कर बात करी और ट्रेक्टर से सीमेन्ट वापस खाली करवा दी.
तब हार्डवेयर व्यापारी संगीत सलूजा, दौलत पटेल, आदि सांवर के साथ आए, और एस.डी.एम को फ़ोन कर सब बातें बताई. जिसके बाद कलेक्टर से गाईडलाईन लेने के बाद एस.डी.एम ने कहा कि आप व्यापारियों की गलती नहीं है, सीमेंट बेचिए. घर पहुंच (होम डिलीवरी) भी दीजिये कोई मना नहीं है.