बसना जनपद सी.ई.ओ उड़ा रहे नियमों की धज्जियां, कारण बताओ नोटिस... - CG Sandesh

बसना जनपद सी.ई.ओ उड़ा रहे नियमों की धज्जियां, कारण बताओ नोटिस को भी किया नजर अंदाज़.

सेवक दास दीवान. कोरोना वायरस (COVID)19 के महामारी की परिस्थिति में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंकज देव के द्वारा शासन के दिशा निर्देश एवं नियमो का उल्लंघन करने का मामला लगातार तूल पकड़ता दिख रहा है.

जानकारी के अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंकज देव के द्वारा रायपुर रेड जोन से ग्रीन जोन महासमुंद जिले के बसना में लगातार आवागमन कर, केंद्र सरकार के सख्त आदेशों तथा राज्य शासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ा जा रहा है.

वहीँ इस मामले में शिकायत के बाद जब महासमुंद कलेक्टर द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया तो इसे जनपद सीईओ के द्वारा नजर अंदाज़ कर दिया गया.

गौरतलब है कि जनपद पंचायत सीईओ के लिए बसना में पहले से ही ठहरने रुकने की पूरी व्यवस्था बनी हुई है. फिर भी हर एक निर्देशों और नियमों को ताक पर रखकर जानबूझकर उनके द्वारा इस तरह से नियमों का उलंघन करना घोर निंदनीय है. जिसपर जिला प्रशासन को जल्द से जल्द लापरवाह अधिकारी के प्रति कार्यवाही सुनिश्चित करनी होगी.

इस विषय पर हुई चर्चा के दौरान महासमुंद  कलेक्टर सुनील जैन के द्वारा कहा गया कि मैं देखता हूं मैंने तो उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया था, इतने कहने के बाद उनके तरफ से किसी प्रकार से और कार्यवाही की कोई बात नहीं की गई.

जबकि जिला पंचायत के प्रभारी उपसंचालक बेलदार से भी इस बारे में चर्चा की गई जिनके द्वारा कहा गया कि ऐसे कृत्य किए जाने वाले सीईओ के द्वारा किए जा रहे उल्लंघन घोर निंदनीय विषय है सीईओ के द्वारा निश्चित ही यह एक बहुत बड़ा लापरवाही का मामला है ।जिस पर निश्चित ही कार्यवाही की जानी चाहिए, क्योंकि सीईओ जनपद पंचायत बसना के द्वारा एक नहीं दो नहीं तीन तीन नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है, जो निसंदेह अति शीघ्र कार्यवाही किए जाने योग्य है, उन्होंने कहा कि कलेक्टर साहब के संज्ञान में इस बात को यदि लाया गया है तो मुझे निर्देशित करेंगे जिसके बाद मैं देख रहा हूं कि क्या कार्रवाई पंकज देव के प्रति की जा सकती है.

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें