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जानकारी देने में विभाग के अधिकारियों ने लगाए 2 वर्ष, आयोग ने कलेक्टर महासमुन्द को किया निर्देशित प्रशिक्षण कार्यक्रम की करें व्यवस्था ताकि जन सूचना अधिकारीयो को उनके दायित्वो का हो सके ज्ञान.

जिले के एक अपीलार्थी लवकुमार पटेल ने 1965 के दाखिल खारिज की जानकारी के लिए 2 वर्ष पहले एक सूचना के अधिकार के तहत जानकारी उपलब्ध करवाने सरायपाली विकासखंड में सूचना के अधिकार के तहत आवेदन प्रस्तुत किया था. लेकिन इस जानकारी उपलब्ध करवाने शिक्षा विभाग सरायपाली के जन सूचना अधिकारी देवनारायण दीवान ने 2 वर्ष लगा दिए.

अभिलार्थी ने अपील जी और आयोग तक अपनी बात रखी और आयोग के फटकार लगाने के बाद जन सूचना अधिकारी ने अपीललार्थी को आवश्यक दस्तावेज जो कि सूचना के अधिकार के तहत मांगा गया था उसको उपलब्ध करवाया.

लेकिन राज्य सूचना आयोग ने इस पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर महासमुंद को विभाग के जन सूचना अधिकारियों को प्रशिक्षण दिलाने कहा गया है ताकि अपीलार्थियों को जानकारी के लिए बेवजह ज्यादा दिनों तक भटकना ना पड़े.

जनसुनवाई में जन सूचना अधिकारी के प्रतिनिधि श्री देवनारायण भगवान सहाय विकास खंड शिक्षा अधिकारी सरायपाली उपस्थित हुए उनके द्वारा विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री पाली का पत्र क्रमांक 1738 दिनांक 23-2-2020 आयोग में जवाब प्रस्तुत किया गया. लिखित के लिए उन्होंने दूरभाष पर दिनांक 29-2-2020 को संपर्क कर बुलाया गया. लेकिन उनके द्वारा आने से मना कर राज्य सूचना आयोग से जानकारी प्रदान किया जाए ऐसा कहा गया.

संबंधित के द्वारा अवलोकन करने के कारण नहीं करने के कारण चिन्हांकित दस्तावेजों को ना देकर पूर्व वर्ष 1965 की दाखिल खारिज की स्तापित छायाप्रति आवेदक को प्रदान करने एवं आयोग कार्यालय को उपलब्ध कराने लिए उनके द्वारा प्रधान पाठक झील मिला से प्राप्त कर ली गई है.

प्रकरण के अवलोकन मे पाया जाता है कि आवेदक ने उनके मूल आवेदन में शासकीय प्राथमिक शाला झिलमिला के दाखिल खारिज पंजी 1965 का अवलोकन करने की मांग की गई थी, जन सूचना अधिकारी के द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नही की गई. जिस से असंतुष्ट होकर आवेदक के द्वारा प्रथम अपील दिनांक 13-12-2018 को प्रस्तुत की गई. जिसमें प्रथम अपीलीय अधिकारी के द्वारा प्रकरण में दिनांक 18-1-2019 को सुनवाई की गई उक्त तिथि में आवेदक के विलंब से उपस्थित होने के कारण दिनांक 5-2 -2019 को नियत किया गया जिसमें जन सूचना अधिकारी द्वितीय अवसर प्रदान करने के बाद भी उपस्थित नही रहे तथा आवेदक के आवेदन के अवलोकन आदेश क्रमांक 540 दिनांक 7-02-2019 के द्वारा विकासखंड शिक्षा अधिकारी को आदेशित किया गया की वह अपीलार्थी लव कुमार पटेल द्वारा चाही गई जानकारी शासकीय प्राथमिक शाला झिलमिला के दाखिल खारिज पंजी 1965 का अवलोकन कराकर चाही गई जानकारी अपीलआर्थि निशुल्क को प्रदान करेंगे.

प्रकरण के परीक्षण में यह पाया जाता है कि जन सूचना अधिकारी ने आवेदक के मूल आवेदन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई जिसके बाद उनके द्वारा प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश के पालन में आवेदक को उनके द्वारा चाहे गए दस्तावेज के अवलोकन के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गई जिसमें प्रथम दृष्टया स्पष्ट है कि जन सूचना अधिकारी के द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है. तथा आवेदक को उसके द्वारा चाही गई जानकारी से वंचित रखा गया है अतः प्रकरण में निम्नानुसार आदेश पारित किए गए हैं.

पत्र के अनुसार जन सूचना अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि आवेदक द्वारा मांगी गई जानकारी जिसे आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है उसे इस आदेश की प्राप्ति के 20 दिवस के भीतर आवेदक को पंजीकृत डाक से प्रेषित करना है.

छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पत्र क्रमांक एफ 08 ,02 ,2014 / 1 , 13 ,2014 , के पैरा 2 की उप कंडिका 5 में यह इस्पष्ट लेख है की अपीलीय आदेश में निर्धारित अवधि में सूचना प्रदाय करने के निर्देश देने की स्थिति में प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा ही स्वयं के आदेश का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जावे विचार धिन प्रकरण में प्रथम अपीलीय अधिकारी के द्वारा ऐसी कोई कार्यवाही किया जाना नहीं पाया जाता है. अतः प्रथम अपीलीय अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि वह भविष्य में राज्य शासन के उपरोक्त निर्देश अनुसार अपने प्रथम अपीलय अधिकारी उपरोक्त निर्देशानुसार अपने प्रथम अपीलिय आदेश का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें.

प्रकरण में प्रथम दृष्टया पाया जाता है कि प्रकरण में प्रथम दृष्टया पाया जाता है कि तत्कालीन जन सूचना अधिकारी श्री देवनारायण दीवान के द्वारा आवेदक के द्वारा आवेदन प्रस्तुत किए जाने पर कोई कार्यवाही नहीं की गई उनके द्वारा प्रथम अपीलीय अधिकारी के पालन में भी कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से जानकारी देने में विलंब हुआ इस संबंध में उनके द्वारा सक्षम में लिखित जवाब प्रस्तुत किया गया. जिसमें उनके द्वारा लेख किया गया है कि वह सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ है तथा उक्त अवधि में व प्रभारी विकास खंड शिक्षा अधिकारी सरायपाली के पद पर पदस्थ तथा अन्य कोई सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी नहीं होने तथा कार्य की अधिकता के कारण एवं सूचना के अधिकार के शाखा प्रभारी लेखापाल द्वारा समय सीमा में जानकारी प्रस्तुत नहीं करने के कारण अपीललार्थी को समय सीमा में जानकारी नहीं दी जा सकी इसके लिए उनके द्वारा क्षमा याचना की गई तथा भविष्य में इस प्रकार का पुनरावृत्ति होने नहीं होगी आश्वस्त किया गया.

परंतु प्रकरण में यह भी पाया गया कि जन सूचना अधिकारी के आज तक के आवेदक को जानकारी प्रदान नहीं की गई है और उनके द्वारा जानकारी आयोग के समक्ष प्रस्तुत की जा रही है इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जन सूचना अधिकारी द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के प्रावधानों को समझने में की गई है अतः कलेक्टर महासमुंद को सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 19 (8) क (v) में दिए गए प्रावधान अनुसार निर्देशित किया जाता है कि वह विभागीय अधिकारियों के लिए समुचित प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यवस्था करें ताकि जन सूचना अधिकारियों को उनके दायित्वों का ज्ञान हो सके.

प्रकरण में जन सूचना अधिकारी के द्वारा प्रस्तुत जवाब को मान्य किया गया लेकिन भविष्य के लिए देवनारायण दीवान को हिदायत दी गई है वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई समाप्त किया गया.

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