कलेक्टर श्री गोयल ने बागबाहरा स्थित क्वारेंटाईन सेंटर का किया औचक निरीक्षण, अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था बनाएं रखने के लिए दिए निर्देश.
महासमुंद 01 जून 2020/ कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए शासन-प्रशासन द्वारा प्रयास किए जा रहें हैं और लोगों को इसके लिए सजग करने के
साथ-साथ जागरूक भी किया जा रहा हैं। महासमुंद जिले में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव
के लिए जिला प्रशासन द्वारा अनेक कदम उठाएं हैं और राजस्व विभाग के
अधिकारियों सहित अन्य विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई हैं। इसके
अलावा अन्य प्रदेशों से आने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए उनके स्वास्थ्य
परीक्षण और क्वारेंटाईन सेंटर बनाएं गए हैं,
जहां उनके लिए आवास एवं भोजन की भी व्यवस्था की गई है। नवपदस्थ कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल ने
कल रविवार को देर रात तक महासमुंद एवं बागबाहरा अनुविभाग का दौरा कर वहां कि
व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बताते चले कि बागबाहरा सहित में नए पॉजिटिव 07 मरीज पाए जाने के कारण क्षेत्र में तीन कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया
गया है। इनका औचक निरीक्षण कलेक्टर श्री गोयल द्वारा किया गया। इस दौरान
उनके साथ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं एडिशनल एसपी भी उपस्थित
थी।
कलेक्टर श्री गोयल ने इस
दौरान उन्होंने नगर बागबाहरा में घोषित कंटेनमेंट जोन का निरीक्षण किया।
उन्होंने सुरक्षा उपायों, लगाए गए बेरिकेटिंग,
व्यवस्थाओं पर ध्यान देने के
निर्देश दिए। साथ ही यहां क्वॉरेंटाइन सेंटर में रुके 86 श्रमिकों के आवश्यक
व्यवस्था, उनके रुकने, उनके खाने एवं स्वच्छता संबंधी उपायों पर चर्चा की।
कंटेनमेंट जोन के कारण बागबाहरा में लगने वाले बाजार के संबंध में भी
चर्चा हुई जिसमें एसडीएम की सलाह से बाजार को खुले रखने का निर्देश भी दिया गया।
साथ ही नगर पालिका को दिन में दो बार मुनादी कराने का एवं पुलिस को
सुरक्षा वाहनों में दौरा करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर
श्री गोयल बागबाहरा के ही भदरसी गांव में जहां पर शाम तक एक पॉजिटिव केस आया
था एवं देर रात एक और पॉजिटिव केस आया,
के क्वॉरेंटाइन सेंटर का भी भ्रमण किया
गया। उस क्वारेंटाईन सेंटर में ग्राम बस्ती से पृथक स्थापित होने में
संतोष प्रकट किया तथा ग्राम सरपंच एवं उपसरपंच को ग्राम निगरानी समिति गठित
करने के लिए कहा। उन्होंने मौके पर उपस्थित पुलिस बल को चाक-चैबंद रहने के
साथ-साथ पंचायत सचिव को इनको क्वारेंटाईन सेंटर में रुके लोगों की आवश्यक
व्यवस्था के लिए भी निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री गोयल ने चार कोरोना
वायरस केस मिले, मुड़पार ग्राम का भी भ्रमण किया। ग्राम मुड़पार में ठाणे
(महाराष्ट्र) से आए कुल 09 लोगों को एक अलग से आंगनवाड़ी केंद्र में रुकवाया
गया हैं। उस आंगनवाड़ी केंद्र में आवश्यक व्यवस्थाएं भी थी। लोगों के
क्वारेंटाईन करने की तरीके और स्थान चयन के लिए कलेक्टर ने सराहना की। पंचायत की
दूरदर्शिता के कारण ही कोरोना पॉजिटिव का प्रभाव गांव बस्ती में नहीं फैल
पाया। उन्होंने आगे भी इसी प्रकार की व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा।
उन्होंने मौके पर मौजूद तहसीलदार को निर्देश देते हुए कहा कि सभी गांव में
मुनादी होना चाहिए, जो भी बाहर से आए हैं,
उन सभी को क्वारेंटाईन सेंटर
में रखा जाना हैं और उनके लिए जो भी आवश्यक व्यवस्था होनी है वह सुरक्षित
उपायों के साथ सामाजिक दूरी बरतते हुए ही होना चाहिए। उन्होंने बीपीएम को
निर्देशित करते हुए कहा कि किसी प्रकार के मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति
में उन्हें शीघ्र चिकित्सा सहायता पहुंचाएं। सभी गांव में कोरोना की
संक्रमण से बचने के लिए स्व प्रेरणा से ग्रामीणों को सजग रहने के लिए मुनादी
कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक गांव में ग्राम निगरानी समिति का गठन
कर ग्रामीण संक्रमण रोधी व्यवस्था स्थापित करने का निर्देश भी दिया।
कलेक्टर श्री गोयल ने जिला पंचायत के
मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. रवि मित्तल, एडिशनल एस.पी. मेघा
टेम्भुलकर के साथ खरियार रोड ओड़ीसा सीमा से लगे टेमरी नाका बॉर्डर का भी
निरीक्षण किया, जहां नियमित रूप से आने-जाने वाले वाहनों के विवरण की भी जांच की
तथा वहां पर लगे स्टाफ से पूछताछ भी की। उन्होंने यहां पर की गई आवश्यक
व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि किसी भी बाहरी श्रमिकों के आने
की स्थिति में उनका मेडिकल चेकअप सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री गोयल का
यह रात्रि कालीन औचक दौरा सुबह 04ः30 बजे तक जारी था। इस दौरान एस.डी.एम. बागबाहरा श्री भागवत जायसवाल,
एस.डी.ओ.पी सुश्री लितेश, तहसीलदार श्री बलराम तम्बोली, सी.एम.ओ श्री अमरनाथ दुबे एवं बी.पी.एम श्री हेमकुमार सोनकर भी उपस्थित थे।