नशा उन्मूलन के लिए जागरूकता : क्वारंटीन केन्द्र पर तंबाकू और कोरोना के संक्रमण से बचने की दी गई समझाईश
गुटखा और तंबाकू के सेवन से कोरोना को
आमंत्रण, क्वारंटीन वाले भी रहें सावधान
महासमुंद 06 जून 2020/तंबाकू
जानलेवा तो है ही, किन्तु कोरोना वायरस के संक्रामक दौर
में यह और भी अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम
के अधिकारियों ने क्वांरटीन केन्द्रों पर रह रहे संदिग्ध मरीजों को इन
दोनों ही घातक बीमारियों से बचाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इस
कड़ी में 05 जून
को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ एसपी वारे
के निर्देश पर जिला तंबाकू नशा-मुक्ति केन्द्र दल ने विकासखण्ड बागबाहरा
स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में बनाए गए क्वारंटीन केन्द्र में
तंबाकू सेवन से बढ़ने वाले कोरोना वायरस के संक्रमणीय खतरे के बारे में लोगों
को सर्तक रहने की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि क्वारंटीन के दिनों में
तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी
एवं अन्य नशे की तलब होने के दौरान उपलब्धता नहीं
होने पर आमतौर पर महसूस की जाने वाले विड्रोल सिमट्म्स की परेशानी से उबरने
के लिए मनोवैज्ञनिक तरीकों के बारें में उपाय बताए। जिसमें हल्का व्यायाम
जैसे योगा, ध्यान लगाना, मन को
नशे की जगह अन्य कार्यों में व्यस्त रखने
सहित आहार व्यवस्था में मिल रहे मिक्चर एवं नमकीन चीजों को उपयोग में लाने
की सलाह दी गई। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस क्वारंटीन
केन्द्र में लगभग 50 प्रवासी श्रमिक बाहर से आए हैं। ये सभी लोग कोरोना
संक्रमण संदिग्ध के रूप में क्वारंटीन की अवधि पूरी कर रहे हैं। इस दौरान
जिला तम्बाकू नशा मुक्ति केन्द्र के सामाजिक कार्यकर्ता सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी
फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाते हुए उन्हें जानकारी दी।
सिगरेट, बीड़ी या गांजा इत्यादि का सेवन करने से उंगलियां और होंठ सीधे संपर्क में आते हैं। इनमें मौजूद अमोनिया, टार, फार्मेल्डिहाइड व एसीटोन जैसे खतरनाक कैमिकल फेफड़ों को कमजोर करने के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता कम कर संक्रमण का खतरा बढ़ा देते हैं। आम-तौर पर सेवनकर्ता तंबाकू, खैनी, गुटखा या पान-मसाला आदि खा कर लोग थूकते रहते हैं। जिससे लार रूपी थूक की पीक में कोरोना वायरस कई घंटों तक जीवित रह सकता है। इससे कोविड-19 की बीमारी के फैलने का खतरा और भी अधिक बढ़ जाता है।